Sunday, June 25, 2017

भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामकेवल बैठे अनशन पर, पार्षद मंत्री संग मना रहे हैं जश्न


फरीदाबाद, 25 जून,2017(abtaknews.com )भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामकेवल बैठे अनशन पर, पार्षद मंत्री संग जश्न मनाने एक होटल में जुटे हुए हैं।

फरीदाबाद नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार को रोकने और घोटालों की जांच उच्च स्तरीय विशेष जांच दल से करवाने की मांग के समर्थन में और सत्याग्रही निगम अधिकारी रतन लाल रोहिल्ला व उनका सहयोग कर रहे निगम कर्मियों के साथ की गई प्रताड़ना कार्यवाही और पदमश्री व अनशनकारी बाबा के प्रति निगम के अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता के द्वारा मीडिया में की गई  अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में  अनशनकारी बाबा रामकेवल का आमरण अनशन निगम मुख्यालय पर आज शुरू हो गया। उनके साथ निगम के सेवानिवृत कर्मचारी भगवान दास भी 24 घंटे के अनशन पर रहेंगे।  रोजेदार व निगम रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के नेता उम्मर मोहम्मद खान ने अनशनकारियों को माला पहनाकर अनशन पर बिठाया।  मंच संचालन समाज सेवी व शहर के प्रख्यात आर.टी.आई. एक्टिविस्ट वरूण श्योकंद ने किया। यहां यह उल्लेखनीय है कि अनशनकारी बाबा, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डा. ब्रहमदत्त पदमश्री और निगम अधिकारी के साथ पिछले 40 दिनों से शांतिपर्वूक सत्याग्रह पर भी हैं।  शहर की अनेकों सामाजिक संगठनों व समाज सेवियों का समर्थन इस आंदोलन को निरन्तर मिलता जा रहा है।  भ्रष्टाचार विरोध मंच ने आज यहां एक बड़ा एलान यह भी कर दिया है कि मंच के कार्यकर्ता शहर के पार्कों, गलियों, मोहल्लों व कालोनियों में जाकर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन करके नगर निगम के भ्रष्टाचारियों की पोल खोलेंेगें और हरियाणा सरकार के इस मामले पर उदासीन रवैये के बारे में आम जनता को भी अवगत करवायेंगे।
अनशनकारी बाबा ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन व प्रशासन का नारा देकर सता हासिल करने वाली सरकार के शासन में नगर निगम के भ्रष्टाचार को रोकने और घोटालों की जांच को लेकर 40 दिनों के तीन सत्याग्रहियों के सत्याग्रह के बाद एक संत को अपने प्राणों की आहूति देने के लिए आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है - यह न केवल अत्यधिक दुःख का विषय है बल्कि इससे सरकार की जीरो टालरेंस पालिसी पर भी सवालिया निशान उठ खड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया इस सरकार में नौकरशाही बहुत बुरी तरह से हावी है।  उन्होंने शहरवासियों को आह्वान किया है कि केवल उनके अनशन से शहर की मूलभूत सुविधाओं का अव्यवस्थित करने वाला निगम का महाभ्रष्टाचार नहीं रूकने वाला है इसके लिए जन-आंदोलन खड़ा करना होगा।  उन्होंने सरकार को धमकी दी है कि या तो वह मंच के द्वारा उठाई गई मांगों को बातचीत के माध्यम से अविलंब पूरी करे अन्यथा उनका मृतक शरीर ही निगम मुख्यालय के  गेट से उठेगा।  डा. ब्रहमदत्त पदमश्री और निगम अधिकारी रतन लाल रोहिल्ला ने इस अवसर पर कहा कि उनका भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन केन्द्र सरकार व हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार को उखाड़ फैंकने की नीति के अनुरूप ही है, लेकिन फिर भी नौकरशाहों के द्वारा ईमानदार अधिकारियों व आंदोलनकारियों को क्यों प्रताड़ित किया जा रहा है, जांच दल का गठन क्यों नहीं किया जा रहा है।
इस अवसर पर अन्य के इलावा एस.के. जोशी एडवोकेट, अतुल कुमार एडवोकेट, समाज सेवी कैलाश शर्मा, डी.के. वर्मा एडवोकेट, उपकार सिंह, सरदार देवेन्द्र सिंह, मुनीष शर्मा, प्रवेश मलिक, राजेश शर्मा, धीरज हिन्दुस्तानी, दिलबाग सिंह, गिरधारी लाल उस्ताज,शाहाबीर खान,धीर सिंह, हरीदत्त, दशरथ रेढ़ू, अनुराधा भारद्वाज, नरेश मेंहदीरत्ता,  डा. मनोज शर्मा, प्रवीन शर्मा, ए.एस. बैंसला, रविन्द्र वशिष्ठ, रविन्द्र चावला, रिषी भारद्वाज, रामफल जांगड़ा, सुमन जांगड़ा, कृष्ण कुमार आदि ने भी अपनी अपनी संस्थाओं की ओर से समर्थन व्यक्त किया।

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