Monday, June 19, 2017

किसानो को न्याय दिलाकर रहेगी भाकियू : प्रवीण चौधरी


फरीदाबाद 19 जून,2017(abtaknews.com)भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावता के दिशा निर्देशानुसार पूरे ही देश में भारतीय किसान यूनियन (अ) के जिलाध्यक्षों ने अपने अपने जिलो के उपायुक्तों को किसानो के साथ हो रहे अत्याचार के विरोध में ज्ञापन सौंपा। इसी कडी में फरीदाबाद भारतीय किसान यूनियन अ की महिला अध्यक्ष शालिनी मेहता की अध्यक्षता में  आज जिला यूनियन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने किसानो के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आदरणीय महामहिम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव प्रवीण चौधरी व शालिनी मेहता ने कहा कि मध्य प्रदेश में निहत्थे किसानो पर प्रशासन द्वारा लाठी डण्डा एवं गोलियां बरसाई गयी जिसके चलते 6 किसानो केा गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जिनका कसूर केवल इतना था कि अपने हक अधिकार की मांग शांतिपूर्वक तरीके से कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि भाजपा की सरकार बनते ही किसानो के सारे कर्ज माफ किया जायेगा एवं स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू किया जायेगा ताकि किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य मिल सके लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकारो ने इन दोनो बातों को एक सिरे से खारिज कर दिया है।

प्रवीण चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी को किसानो के लिए किये वादो को मध्य प्रदेश के किसाना केन्द्र एवं राज्य सरकार को याद दिला रहे थे कि अब अपने वादो को पूरा करे और किसानो को रहात दिलाने का कार्य करे। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अम्बावता मांग करती है कि मृतक परिवार के एक एक सदस्य को स्थाई रूप से सरकारी नौकरी दी जाये एवं मृतक को शहीद का दर्जा देते हुए मृतक परिवार को वृद्ध माता पिता एवं विधवा पत्नी को स्थाई रूप से पेश्ंान दी जाये। इसके साथ साथ जिन पुलिसवालों ने किसानों की हत्या की है उन पर प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाये एवं मौजूदा सरकार को तुंरत प्रभाव से बर्खास्त किया जाये एवं राष्ट्रपति शासन लगाया जाये। अम्बावता ने कहा यूनियन पूरे देश के किसानो केा पूर्ण रूप से कर्ज मुफ्त किये जाने की मांग भी करती है एवं स्वामी नाथन रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू किया जाये व वृद्धा पेंशन पूरे भारत में एक समान 2500 रूपये की जाये।
शालिनी मेहता ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अम्बावता महामहिम महोदय से सादर अनुरोध करती है कि तत्काल सम्बंधित मांगों को एक सप्ताह के भीतर लागू करे। अगर यह मांगे नही मानी गयी तो भारतीय किसान यूनियन अ पूरे ही देश में इससे भी बड़ा धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होगा जिसकी जिम्मेवारी शासन प्रशासन की होगी।ज्ञापन देने वालों में प्रवीण चौधरी राष्ट्रीय सचिव, शालिनी मेहता महिला प्रदेश अध्यक्ष, ज्ञानेन्द्र त्यागी जिला अध्यक्ष, नरेश कौराली, महेश नरवत, सतपाल नागर, मनोज दीक्षित, राज सिंह, महेन्द्र आदि उपस्थित थे।

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