Tuesday, June 27, 2017

भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री को भेजी चिट्ठी



फरीदाबाद, 27 जून,2017(abtaknews.com )भ्रष्टाचार विरोधी मंच के संयोजक व सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डा. ब्रहमदत्त पदमश्री ने कहा है कि अनशनकारी बाबा रामकेवल का कल 25 जून से शुरू हुआ आमरण अनशन और अनशनकारी बाबा सहित तीन सत्याग्रहियों का 41 दिन का नगर निगम के भ्रष्टाचार के विरोध में जारी सत्याग्रह हरियाणा सरकार व केन्द्र सरकार की भ्रष्टाचार को उखाड़ फैंकने की नीति के ही अनुरूप है, लेकिन फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार विरोधी मंच, सामाजिक कार्यकर्ताओं और निगम अधिकारी रतन लाल रोहिल्ला के द्वारा पिछले काफी वर्षों से उजागर किये जा रहे घोटालों पर आंख मूंद कर के हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस नीति के विरूद्व काम कर रहे हैं।  डा. ब्रहमदत्त ने पांच पृष्ठों का एक विस्तृत पत्र मुख्यमंत्री, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को लिखा है, जिसमें उन्होंने इन अधिकारियों की शिकायत करते हुए कहा है कि निगम के एक ईमानदार व निष्ठावान अधिकारी का मुंह बंद करने के लिए इस अधिकारी के विरूद्ध केवल इसलिये तानाशाहीपूर्ण कार्यवाही करने पर उतारू हो गये हैं कि यह अधिकारी निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खोलता है।  सर्वोच्च न्यायालय के वयोवृद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता और कुष्ठरोगियों के हितार्थ काम करने जैसी समाज सेवा के क्षेत्र में हरियाणा राज्य के अब तक के एकमात्र पदमश्री अवार्डी डा. ब्रहमदत्त ने चेतावनी दी है कि यदि निगम प्रशासन व हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने रोहिल्ला के विरूद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की तो उनको निश्चित तौर से बड़ी कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
 डा. ब्रहमदत्त ने अपने पत्र में लिखा है कि फरीदाबाद नगर निगम और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी एक ईमानदार, निष्कपट और समर्पित मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार की नीति के विरूद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ये अधिकारी भ्रष्ट अधिकारियों की बजाए रतन लाल रोहिल्ला जैसे ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का ही काम कर रहे हैं।  अपने पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से मंच के द्वारा प्रस्तुत 21 घोटालों सहित मंच के द्वारा उजागर किये गये अन्य सभी घोटालों की जांच विशेष जांच दल से करवाने, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने, निगम में भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम को विकसित करने और रतन लाल रोहिल्ला सहित भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाने वाले सभी कर्मचारियों के विरूद्ध की गई सभी प्रकार की कार्यवाही निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।

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