Friday, June 16, 2017

एबीवीजीएम के प्रतिनिधि मंडल ने विधायक कुँवर प्रणव सिंह चैंपियन का आभार जताया


नई दिल्ली  (abtaknews.com)अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा (एबीवीजीएम) का  प्रतिनिधि मंडल फ़रीदाबाद से उनके  दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास पर जाकर के विधायक कुँवर प्रणव सिंह चैंपियन से मिला । इस प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय संरक्षक नरेंद्र गुर्जर, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग गुर्जर, महेश बैसोया, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अनिल तंवर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेश फागना, गौरव तंवर कारना, एक्लव्य बैसला, नितिन नागर, दयानन्द बैसला, मोहित और देबू थे |  विधायक कुँवर प्रणव सिंह चैंपियन हरिद्वार की खानपुर सीट से विधायक है | वे हरिद्वार की लंढोरा रियासत के महाराज है | पिछले दिनों हुई स्पोर्ट इंजरी के कारण उनकी दिल्ली में घुटने की सर्जरी हुई है इस कारण से वे एक महीने के बैड रेस्ट पर है | एबीवीजीएम का प्रतिनिधि मंडल उनका आभार व्यक्त करने गया था क्योंकि उन्होंने पिछले दिनों उत्तराखंड के मुख्य मंत्री को पत्र लिखकर लक्‍सर के बालावाली चौक पर गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाने की माँग की थी | प्रतिनिधि मंडल के द्वारा विधायक कुँवर प्रणव सिंह चैंपियन का पगड़ी बाँध कर सम्मान किया गया और उनको गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की तसवीर भेँट की गयी | विधायक चैंपियन ने एबीवीजीएम के प्रतिनिधि मंडल का धन्यवाद किया और समस्त देशवासियों को आगामी 24 अगस्त 2017 को इंटरनेशनल गुर्जर डे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की जयंती की शुभकामनाये दी और इस दिन को बड़ी धूम धाम से मनाने की अपील की | उन्होने बताया कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की 36 लाख कि सेना असलियत में 36 बिरादरी की सेना थी और वे उन्हें ही अपना आदर्श मानते है एवं उनके ही पदचिन्हों पर चलकर 36 बिरादरी के लोगो की सेवा करते है | उनहोने बताया कि उनके परिवार का देश और धर्म की रक्षा करने में हमेशा से ही बहुत बड़ा योगदान रहा है | जिस समय सन् 1398 में तैमूर लंग नाम के एक तुर्क लुटेरे ने देश पर आक्रमण कर दिया था उस समय उसको हराने के लिए 36 बिरादरी की सर्व खाप सेना का गठन किया गया |  जिसमें सर्व सम्मति से उनके ही पूर्वज दादा जोगराज गूर्जर को मुख्य सेनापति, दादा हरवीर गुलिया  को उपसेनापति और दादा धुल्ला वाल्मीकि को उप सेनापति घोषित किया गया था । माता राम प्यारी गुजरी को सर्व खाप पंचायत की महिला सेना का सेनापति मनोनीत किया गया था । इस सर्व खाप पंचायत का सदियों पुराना रिकार्ड वर्तमान में मुजफरनगर के सोरन गांव में सुरक्षित है जो ऐतिहासिक दृष्टि से बड़ा महत्वपूर्ण सुरक्षित दस्तावेज है। इस सर्व खाप पंचायत में जाति भेद नाम मात्र को भी नहीं था। यह सभी जाति, वर्ग और ग्रामीण समुदायों का महत्वपूर्ण सैनिक संगठन था जो संकट काल में सक्रिय हो जाता था। शान्तिकाल में यह संगठन समाज सुधार और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों पर ध्यान देता था। आज हम सभी को सर्व खाप पंचायत के उन वीरों एवं वीरांगनाओ के जीवन से प्रेरणा लेके देश और धर्म की एकता और अखंडता के लिए कार्य करना चाहिए | 

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