Thursday, June 15, 2017

बिना बिजली के जीवन की कल्पना नहीं : संदीप पाल


Nuclear-awareness-programme

भोपाल15 जून,2017(abtaknews.com)बिजली आज हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है, बिना बिजली के हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते है। विष्व में तमाम देषों के तरक्की का आधार भी बिजली ही रही है। उनकी इस तरक्की में परमाणु ऊर्जा ने अहम भूमिका निभाई है। यह बात (भविश्य में बिजली (ऊर्जा) का नया विकल्प क्या हो सकता है।) कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम संचालक संदीप पाल ने कही। कार्यक्रम का आयोजन न्यूक्लियर पावर कार्पोरेषन आॅफ इण्डिया (भारत सरकार का उपक्रम) द्वारा भोपाल स्थित बरकत उल्ला यूनिवर्सिटी में किया गया। कार्यक्रम में काॅलेज के छात्र-छात्राओं को कहानी बुधिया की कार्टून फिल्म दिखाई गई तथा आने वाले समय में बिजली उत्पादन में परमाणु ऊर्जा की क्या भूमिका होगी इससे जुड़ी जानकारी दी गई। तथा एक था बुधिया (कहानी खुषहाल गांव की) काॅमिक निःषुल्क प्रदान की गई। 
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श्री पाल ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी देष में 20 से 25 प्रतिशत लोगों को अपना जीवन अन्धकार में व्यतीत करना पड़ा रहा है। इस कारण उक्त क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा सेवा खस्ताहाल है, उद्योग-धंधे प्रभावित हंै, लोग आर्थिक रूप से पिछडे़ हुये हंै। 
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक तरीके से ऊर्जा की आपूर्ति सम्भव नहीं है। देश में कोयले और गैस के भंडार सीमित हैं तथा जीवाश्म ईंधन प्रचलित बिजलीघरों से उत्पन्न होने वाली ग्रीन हाउस गैसों के प्रति विश्व की बढ़ती चिन्ताओं के कारण आने वाले समय में परमाणु ऊर्जा को प्रोत्साहित करना तथा प्रयोग में लाना अति आवश्यक है। 

आज भारत के पास अभी तक 2.5 लाख टन यूरेनियम है। हम इसे कैसे इस्तेमाल करें, यह महत्वपूर्ण है। सही से करेंगे तो 500 से 1000 हजार वर्ष तक देष में बिजली की कमी नहीं होगी।भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को दुनिया में सबसे आधुनिक तथा सुरक्षित श्रेणी में रखा जाता है, भारत का दीर्घकालीन परमाणु ऊर्जा विद्युत उत्पादन कार्यक्रम देश में उपलब्ध विशाल थोरियम भंडार पर आधारित है, तथा देश में 21 परमाणु ऊर्जा संयंत्र काम कर रहे है। परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को लगभग 50 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, देश की वर्तमान न्यूक्लियर विद्युत क्षमता 5780 मेगावाट है,। जिसे 2020 तक बढ़ाकर 13000 मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में  बरकत उल्ला यूनिवर्सिटी के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट माइक्रोबायलॉजी  श्री विनोद कुमार सिंह   ने कहा कि आज फ्रांस, रूस, चाईना, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका समेत विष्व के 31 देषों ने परमाणु ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल कर खूब तरक्की की है। ऐसे में हम और हमारा देष पीछे क्यो रहे। हमे भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए। फ्रांस, जापान समेत विष्व के कई देषों में 90 प्रतिषत तक बिजली का उत्पादन परमाणु ऊर्जा से रहा है। जबकि हमारे में परमाणु ऊर्जा को लेकर दुस्प्रचार किया जा रहा है। जोकि कताई देआ हित में नही है।

श्री सिंह  ने कहा कि बढ़ती आबादी के बीच भारत जैसे विषाल देष मंे परमाणु ऊर्जा देष व देषवासियों की प्रगति की रहा आसान करेगा। जिसके चलते देष विकसित देषों की श्रेणी में जल्द ही षामिल हो जाएगा। आज भी देष कई हिस्सों में विघुत आपूर्ति बाधित है, जिस करण स्थानीय लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में विष्व के तमाम देषों ने भारत को भरपूर सहयोग देने की बात कही है।

   आपको बता दें कि भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा जन जागरूकता अभियान में उत्तर प्रदेश, लखनऊ की समाज सेवी संस्था ‘‘साथी ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी’’ निःशुल्क सहयोग प्रदान कर रही है।

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