Tuesday, June 27, 2017

छात्र जुनैद व डीएसपी मोहम्मद अयुब पंडित की निर्मम हत्या के विरोध में कैंडल मार्च



फरीदाबाद, 27 जून,2017(abtaknews.com ) दिल्ली -मथूरा शटल में मासूम छात्र जुनैद की जघन्य हत्या व श्रीनगर मे तैनात डीएसपी मोहम्मद अयुब पंडित की निर्मम हत्या के विरोध में एवं सद्भाव और न्याय के लिए शौक सभा का आयोजन किया गया और कैंडल मार्च निकाला गया। ज्वाईंट ट्रेड यूनियन कौंसिल, फरीदाबाद के बैनर तले आयोजित इस शौक सभा में सैकड़ों की तादाद मे कर्मचारियों, मजदूरों, मृतक जुनैद के गांव खंदावली व शहर के जागरूक नागरिकों ने शिरकत की। पहले बी.के चौक पर शौक सभा आयोजित की गई और उसके बाद नीलम चौक तक मौन कैंडल मार्च किया गया । जिसमें डीएसपी मोहम्मद अयुब व जुनैद हाफिज़ को मौन रखते हुए श्रदांजली दी गई।
शौक सभा में सर्वसम्मति से पारित किये प्रस्ताव मे जघन्य हत्या के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने, मृतक के परिजनो में से किसी एक सदस्य को स्थाई सरकारी नौकरी व पर्याप्त मुआवजा देने, घायलों का समुचित ईलाज करवाने व इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की गई। सभा में 16 वर्षीय होनहार छात्र जुनैद की हत्या को सुनियोजित हत्या करार दिया गया और इसके लिए सरकार के संरक्षण मे कुछ तथाकथित संगठनों द्वारा सुनियोजित ढंग से देश में बड़ी तेजी से फैलाए जा रहे नफरत व जहरीले प्रचार को दोषी ठहराया गया ।
शौक सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, वरिष्ठ उपप्रधान नरेश शास्त्री्र एटक के महासचिव का. बेचुगिरी, मुख्य संगठनकर्ता विरेन्द्र डंगवाल, सीटू के महासचिव लालबाबू शर्मा, एचएमएस के प्रधान आरडी यादव व इफ्टू के नेता का. जवाहर सिंह आदि ने कहा कि हमारे लोकतांत्रिक देश मे नफरत और उन्माद से लैस ऐसा भीड़तंत्र तैयार किया जा रहा है कि पता नही कब, कौन, कहां, किस नाम पर इसका शिकार हो जाए। सोचने भर से ही रूह कांप उठती है। अभी 21 जून को खंदावली गांव के बहुत ही होनहार 16 वर्षीय छात्र जुनैद हाफिज को ही दिल्ली -मुथरा शटल में बल्लभगढ के पास चाकूओं से गोद कर हत्या कर दी गई और उसके दो भाईयों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वे ईद के त्यौहार के लिए दिल्ली से खरीदारी करके हसीं-खुशी अपने घर वापस लोैट रहे थे। उन पर केवल इसलिए हमला किया जाता है कि वे मुस्लिम है। सवारियों से भरी ट्रेन में अगर कुछ लोग उन्हें बचाने के लिए आगे आते तो शायद जुनैद बच जाता। ऐसे ही श्रीनगर में डीएसपी मौ. अयूब पंडित को पीट-पीटकर भीड़ ने मार डाला। मेवात के पहलू खान, दादरी यूपी के अखलाक, झारखंड के सलमान व बंगाल में तीन मुस्लिमों को भीड़ ने ऐसे ही मौत के घाट उतार दिया। समाज का बड़ा हिस्सा अगर इन घटनाओं पर सिर्फ इसलिए खामौश है कि भीड़ केवल मुसलमानों को मार रही है तो हम भ्रम में हैं। यही भीड़ जनमेशदपुर में हिन्दू महिला समेत उनके दो पोतों की हत्या कर चुकी है। ऐसे ही भीड़ ने हापुड़ में हिन्दू की भी हत्या की थी। ये बर्बर घटनाएं हमारे समाज के ताने-बाने को तार-तार करने वाली हैं। धार्मिक उन्माद व कट्टरता बढ़ रही है।
शौक सभा में मेहतनकश लोगों की व्यापक एकता को मजबूत करते हुए हर स्तर पर एक गंदी नफरत व उन्माद के खिलाफ आवाज बुलंद करने और अपने आज व आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित व भयमुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया गया। सभा को कर्मचारी व मजदूर नेता सुभाष लाम्बा, नरेश कुमार शास्त्री, बीरेन्द्र सिंह, डंगवाल ,बेचुगिरी, लाल बाबू शर्मा, निरंतर पराशर, आर.डी. यादव, जवाहर सिंह, आर.एन. सिंह, डी.एन.मिश्रा, अशोक कुमार, युद्ववीर सिंह खत्री, गुरचरण खाडियां, जुनैद के गांव खंदावली व मुस्लिम समाज से हाजी करामत अली, कमरूदीन, आस मोहम्मद, इसरार अहमद, शजीद अली, इमरान, अदील, अब्दुल आदि ने संबोधित किया।


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