Sunday, June 11, 2017

नियमित सूर्य ध्यान से आध्यात्मिक और मानसिक रूप से मिलती है मजबूती


फरीदाबाद(abtaknews.com)सूर्य योगी स्वामी उमाशंकर ने कहा कि सूर्य जीवन रेखा है। सूर्य असीम ऊर्जा का स्रोत है। खुली आंखों से इसका ध्यान लगाकर आध्यात्मिक और मानसिक रूप से तन व मन को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। यह संभव है। नियमित अ यास(exercise)   से इसे किया जा सकता है।वे एनएच 3 स्थित डीएवी शताब्दी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई विद्याएं बताई। जिसके निरंतर अ यास(exercise) से साधारण मनुष्य असाधारण बन जाता है।इसके लिए जरूरी है। बताए गए नियमों के अनुसार आचरण। उन्होंने कहा कि जीवन जरूरी है सकारात्मक होना। जब हम सकारात्मकहोते हैं तो कई चीजों अपने आप हो जाती है। खुली आंखों से सूर्य का ध्यान करना आध्यात्मिक योग है। इस योग से बिना खाए-पिए जिंदा रहा जा सकता है। मूलरूप से कोलकत्ता के रहने वाले उमाशंकर ने इस विधि से अपने शरीर को सूर्य पर ध्यान लगाकर 12 वर्ष तक जिंदा रखा।
कार्याशाला का आयोजन प्रिंसिपल डॉ. सतीश आहूजा ने कहा कि इस तरह के कार्याशाला से जीवन में सकारात्मकता का बोध होता है। ध्यान व अन्य यौगिक क्रियाओं से तनाव मुक्त होने का मौका मिलता है। कार्यशाला की संयोजिका डॉ. सुनीति आहूजा और डॉ. चंद्रशेखर तिवारी हैं। डॉ सुनीति ने कहा कि बदलते परिवेश में इस तरह के कार्याशाला से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसका असर सकारात्मक देखने को मिलता है।

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