Friday, June 16, 2017

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी कार्यालय के नजदीक सड़कों पर जलभराव, भ्रष्टाचार की खुलती पोल


फरीदाबाद, 16 जून,2017(abtaknews.com)फरीदाबाद नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार को रोकने और पूर्व में हुए घोटालों  की जांच की मांग को लेकर आंदोलनरत भ्रष्टाचार विरोधी मंच ने निग्मायुक्त व नगर निगम प्रशासन को चुनौती दी है कि वह सड़क, पार्क, स्टþीट लाईट, कराधान, वाटर रेट, पानी का निकास, रेन हारवेस्टिंग, सीवरेज सिस्टम, जलापूर्ति, कूड़े का उठान, सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं में से कोई एक ऐसा क्षेत्र बताए जहां पर नगर निगम ने उल्लेखनीय कार्य किया हो।  मंच ने आज प्रातः हई बारिस के बाद के निग्मायुक्त आवास, स्मार्ट सिटी कार्यालय और ओल्ड फरीदाबाद के संयुक्त आयुक्त के एन.आई.टी. स्थित आवास के नजदीक के सड़कों पर जलभराव के फोटो मीडिया को जारी किये।  उन्होंने क्षोभपूर्ण शब्दों में कहा निग्मायुक्त आवास व स्मार्ट सिटी कार्यालय के बाहर यह हाल है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी शहर का क्या हाल होगा।  उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र की एक भी मुख्य गली, सड़क या इसके साथ लगता बर्म ऐसा नहीं होगा जहां पर दस मिन्ट की बारिस में पानी न खड़ा हो जाता है।  उन्होंने आरोप लगाया कि निगम मुख्यालय तक की अनेकों शाखाओं के छतें बारिस में टपकती है, मुख्यालय में पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध नहीं है, नागरिकों के बैठने की व्यवस्था नहीं है, कैंटीन व शौचालय तक की व्यवस्था सही नहीं है। वहीं उच्चाधिकारियों ने अपने-अपने कार्यालयों को चकाचक बनाए हुए हैं।

 मंच के संयोजक अनशनकारी बाबा रामकेवल और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डा. ब्रहमदत्त पदमश्री ने निग्मायुक्त को आह्वान किया है कि यदि वह वास्तव में मंच के द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों के प्रति गंभीर हैं तो उसे सर्वप्रथम आगे आकर अपने स्वयं के कार्यालय और कैम्प कार्यालय के नवीनीकरण पर हुए खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिये और बताना चाहिए कि नवीनीकरण करवाने से पूर्व क्या सभी निर्धारित औपचारिकताओं को पूरा किया गया है।  उन्होंने निग्मायुक्त से सवाल किया वह बताये कि नगर निगम प्रशासन ने अब तक धरना प्रदर्शनों में भाग लेने वाले कितने कर्मचारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किये हैं या ऐसे कर्मचारियों के वेतन रोकने के आदेश जारी किये हैं, जो कि अब भ्रष्टाचार विरोधी मंच के आंदेालन को छुट्टी लेकर सहयोग कर रहे कर्मियों के मामले में किया गया है।  उन्होंने निग्मायुक्त को कहा है कि वह बौखलाहट में अलोकतांत्रिक, असवैंधानिक आदेश पारित कर शांतिपूर्वक पवित्र आंदोलन से छेड़छाड़ न करें अन्यथा मंच कड़ी कार्यवाही करने को मजबूर होगा। इधर मंच के तत्वाव्धान में सत्याग्रहियों का सत्याग्रह आज निरंतर 31वें दिन भी जारी रहा।   

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