Thursday, June 29, 2017

ग्रामीणों ने पलवल जिलाउपायुक्त अशोक शर्मा का पुतला फूंका, डीसी पर भ्रष्ट्राचार के आरोप


फरीदाबाद (abtaknews.com ) एक बार फिर से फरीदाबाद की पृथ्ला विधानसभा के गांव ककडीपुर का मामला तूल पकडता हुआ नजर आ रहा है, जहां सदियों पुरानी गांव की जोहड को सामुदायिक भवन की मिट्टी खोदकर भर दिया गया था, इस मामले में डीसी पलवल ने सरपंच को निलबिंत कर एसडीएम को जांच करने के लिये एक माह का समय दिया था मगर करीब 3 माह बीत जाने के बाद भी कोई जांच नहीं की गई है, इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने पलवल के डीसी अशोक शर्मा, सहित कई अधिकारियों पर भ्रष्ट्राचार के गंभीर आरोप लगाये हैं और पलवल जिलाउपायुक्त अशोक शर्मा का पुतला फूंक कर विरोध जताया है। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि भ्रष्ट्राचार में सलिप्त सभी अधिकारियों के खिलाफ वह पहले सीएम से शिकायत करेंगे उसके बाद दिल्ली तक प्रदर्शन करेंगे।
एक तरफ सरकार में केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर सामुदायिक भवन का उद्घाटन करते हैं तो वहीं दूसरी ओर उसी भव्य सामुदायिक भवन को तोडकर उससे बीडीओं और सरपंच मिट्टी निकलवाकर सदियों पुरानी जोहड को भर कर उसपर अवैध कब्जा करवाते हैं। यह पूरा मामला फरीदाबाद की पृथ्ला विधानसभा के गांव ककडीपुर का है जहां मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक टेकचंद शर्मा ने गांव की सुविधा के लिये सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया था जिसका पत्थर अभी भी लगा हुआ है मगर भव्य सामुदायिक भवन बनने की जगह उसके परिसर से 8 से 10 फुट गहरी मिट्टी खोदकर गांव की पुरानी जोहड कर भरवाकर उसपर कब्जे करवा दिये गये। ऐसा करनामा करने वाले बीडीओ और सरपंच हैं, जिसमें डीसी ने सरपंच को निलंबित भी कर दिया था और पूरे मामले में एसडीएम को जांच के आदेश दिये थे मगर 3 माह बाद कोई भी कार्यवाही नही की गई। ग्रामीणों का इस मामले में डीसी और बीडीओ पर सामुदायिक भवन की मिट्टी बेचकर मोटा पैसा डकराने का अरोप है। 
यह द्रश्य है गांव ककडीपुर की जोहड का, जिसे सामुदायिक भवन की मिट्टी से  समतल कर दिया गया। इस सामुदायिक भवन का शिलान्यास केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक टेकचंद शर्मा ने किया था और यह चालू हालत में था। इतना ही नहीं यहां से कई बारात भी हो चुकी हंै। लेकिन इसके बावजूद सामुदायिक भवन को ही खोद दिया गया और वह भी दस-दस फुट। इसका कारण ग्रामीण तालाब पर हुए कब्जों को बताते हंै। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की भूमि पर 15 लोगों ने कब्जा कर रखा है। पिछली बार भी सरपंच ने इन कब्जाधारियों को जमीन अलाट करने के लिए उपायुक्त को लिखा था। लेकिन उपायुक्त ने तालाब की भूमि अलाट करने से इंकार कर दिया। इसलिए सरपंच ने बीडीओं से मिलीभगत करके तालाब को ही भरवाकर समतल करा दिया। ताकि उसका स्वरूप बदलकर जमीन कब्जाधारियों को दिलाई जा सकें। इसके लिए भी मिट्टी कहीं ओर से न लाकर सामुदायिक भवन को ही कई-कई फुट खोद दिया गया। ग्रामीणों की माने तो जोहड करीब 400 साल पुरानी है जिसमें पूरे गांव का पानी आती है जिससे गांव का जलस्तर भी बरकरार बना हुआ था मगर जोहड के बंद हो जाने से गांव के पानी स्तर काफी नीचे पहुंच गया है। करोडों रूपये के इस जोहड घोटाले में जिला उपायुक्त अशोक शर्मा सहित कई निचले अधिकारी भी संलिप्त हैं जिससे गुस्साये ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त पलवल का पुतला भी फूंका है और चेतावनी दी है कि जल्द ही पूरे मामले की जांच नहीं करवाई गई तो वही सीएम का दरवाजा खटखटायेंगे। 

loading...
SHARE THIS

0 comments: