Saturday, June 24, 2017

हीवो अपार्टमेंट के हरिश्चद्र अदलखा को जान से मारने के लिए धमका रहा है उन्ही का बेटा



फरीदाबाद 24 जून,2017(abtaknews.com)फरीदाबाद सैक्टर 16 स्थित हीवो अपार्टमेंट सोसाईटी की सेवा करने का जिम्मा उठाने वाले निवर्तमान प्रधान दिनकर अदलखा अपने 80 बर्षीय विकलांग पिता की सेवा भी नहीं कर पा रहे हैं, समाज की सेवा का ठेका लेने वाले दिनकर अदलखा के पिता हरिश्चद्र अदलखा घर से बाहर धक्के खाते हुए ईधर से उधर भटक रहे हैं। बेटे को पाल पोसकर बडा कर उसे समाज में इस मुकाम तक पहुंचाने वाले पिता  को उसी के घर से बेटे ने बाहर निकाल दिया है। 
 हीवो अपार्टमेंट सोसाईटी के निवर्तमान प्रधान दिनकर अदलखा के पिता हरिश्चद्र अदलखा का आरोप है कि 1996 से 1999 तक वो मकान के अगले भाग मे अकेले रहते थे, उसके बाद उसके बेटे दिनकर अदलखा ने माफी मांगी और साथ में रहने के लिये कहा, लेकिन 9 माह के बाद दिनकर ने पिता हरिश्चद्र के साथ मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं इसके बाद दिनकर ने प्रधान के पद रहते हुए पिता से  एक एग्ररीमेंट किया कि वो मकान के पिछले भाग में रहेगे, और हम अगले भाग में रहेंगे। इसमें किराये रूप में प्रति माह 3 हजार रूपये देने की बात भी की गई मगर एक माह देने के बाद ही उन्होंने किराया देना बंद कर दिया। जिससे पिता हरिश्चद्र ने 2003 में अपने बेटों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया। बेदखल होने के बाद बेटे दिनकर अदलखा ने अपने पिता से फिर से मांफी मांगी और साथ में रहने की बात कही और बेदखल सूचना को खारिज करवा दिया। लेकिन ये दिनकर की चाल का एक हिस्सा था और बाद में दिनकर ने पिता को जाने से मारने की धमकी देकर घर से बाहर निकाल दिया। बुजुर्ग एंव विकलांग पिता पर सितम ढाहने वाले दिनकर ने एक बार भी नहीं सोचा कि उसका पिता इस उम्र में क्या करेगा और कहां रहेगा। बुजुर्ग के साथ हो रही जात्तियों के लिये दिनकर ही नहीं उसके साथ उसकी पत्नी सोनिया अदलखा, भाई भारत अदलखा और उसकी पत्नी शालिनी अदलखा भी बराबर के भागीदार है। 
मजबूर एंव विकलांग पिता हरिश्चद्र ने बताया कि घर से निकलने के बाद उन्होंने कभी आश्रमों के चक्कर लगाये तो कभी मिलने वाली पेंशन से किराये के मकान में रहा। इतना ही नहीं अपने पास करोडों का मकान होने के बाद भी सैक्टर 19 स्थित ओल्ड एज होम में 6 माह तक रहकर दिन गुजारने पडे। इसके बाद उन्होंने 12 मई 2017 को डीसी साहब का दरवाजा खटखटाया और न्याय की गुहार लगाई और 15 मई 2017 को पुलिस आयुक्त को अपने साथ हुई प्रताडना के बारे में अवगत करवाया और लिखित रूप से शिकायत देकर कार्यवाही करने की मांग की, मगर अभी तक उनके पक्ष में कोई कार्यवाही नहीं की गई है, बेटा दिनकर अदलखा उनपर केस वापिस लेने का दबाब बना रहा है और जान से मारने की धमकी भी दे रहा है।
बर्षो से अपने ही बेटों के जुल्मों का शिकार हुए पिता हरिश्चद्र अदलखा एक सरकारी कर्मचारी रहे हैं और मेहनत करके बेटों को इस मुकाम पर पहुंचाया है, मगर आज दोहरे चेहरे का नकाब पहने हुए दिनकर अदलखा एक ओर तो सोसाईटी के प्रधान बनकर सैंकडों लोगों की सेवा करने का जिम्मा उठा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पैदा करने के बाद पाल पोसकर बडा करने वाला पिता दर - दर की ठोंकरें खा रहे हैं। 

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