Thursday, June 15, 2017

फरीदाबाद की डॉ.ऋतु तेवतिया ने 38 वर्ष की उम्र में जीती एलीट मिसेज इंडिया-2017 प्रतियोगिता

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फरीदाबाद (abtaknews.com) शहर में रहने वाली डॉ.ऋतु तेवतिया ने 38 वर्ष की उम्र दो बच्चों की मां होने के बाद भी कर्नाटक के मैसूर में आयोजित एलीट मिसेज इंडिया-2017 प्रतियोगिता में फस्र्ट रनर-अप का खिताब जीतकर अपना ही नहीं पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है और विवाहिता महिलाओं के लिये एक संदेश भी दिया है कि कुछ कर गुजरने की ललक और जज्बा हो तो उम्र कामयाबी में रुकावट नहीं होती। इससे पहले डॉ.ऋतु मिसेज फरीदाबाद प्रतियोगता में भी फस्र्ट रनर-अप रही थीं। यहीं से उन्हें मिसेज इंडिया प्रतियोगिता का आमंत्रण मिला था। डॉ ऋतु ने इस कामयाबी के पीछे अपनी मां का बहुत बडा योगदान बताया है और आगे मौका मिलने पर मिसेज  यूनीवर्स और मिसेज  वल्र्ड की प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेंगी।
कर्नाटक के मैसूर में आयोजित एलीट मिसेज इंडिया-2017 प्रतियोगिता में फरीदाबाद से भाग लेने वाली डॉ.ऋतु तेवतिया की कुछ तस्वीरें ये हैं, जिसमें वो रैपवॉक करती हुई दिखाई दे रही है, 38 बर्ष की उम्र में दो बच्चों की मां बनने के बाद भी फिट और स्लम दिखने वाली डा. ऋतु ने प्रतियोगिता में रैप करते हुए सबको आश्चर्य चकित कर दिया और फस्र्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम कर लिया। 
डा. ऋतु तेवतिया एक निजी स्कूल में हिंदी की अध्यापिका है, पीएचडी करने के बाद डाक्टरेट की उपाधि पाने वाली डॉ.ऋतु दो बच्चों की मां भी हैं। बेटे सिद्धार्थ ने इस साल बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की है और बेटी श्रीवाली आठवीं कक्षा में पढाई कर रही हैं। इस उपलब्धि को समर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्धि उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करेगी जो घर पर रहकर समझ लेती हैं कि उनकी ङ्क्षजदगी यहीं तक सीमित है। मैं अपने शहर व देश की उन सभी महिलाओं को यह खिताब समर्पित करना चाहती हूं जो आगे बढक़र हौसला दिखाते हुए अपने परिजनों के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे ही खिताब जीत सकती हैं।
वहीं डा. ऋितु ने प्रतियोगिता में जाने से पहले की तैयारियों को लेकर कहा कि उन्होंने कभी मेकअप की तरफ ध्यान नहीं दिया। मिसेज फरीदाबाद प्रतियोगिता में भी काफी सादगी से हिस्सा लिया। मगर इस प्रतियोगिता में जाने से पूर्व मैंने खुद मेकअप करना और डांस सीखा। इसके अलावा फिट रहने के लिए नियमित योग किया, जिम में भी गई। असल में मैं इस प्रतियोगिता की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती थी।
डा. ऋतु तेवतिया ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि प्रतियोगिता के दौरान ज्यूरी ने उनसे अनेक सवाल किए मगर जब उन्होंने इंटरनेट की सेंसरशिप पर मेरा नजरिया पूछा तो मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सेंसरशिप होनी चाहिए। एक अध्यापिका होने के नाते भी मैं चाहती हूं कि चूंकि बच्चे मासूम होते हैं और उन्हें एक उम्र के बाद ही उन बातों की जानकारी मिलनी चाहिए, जिन्हें सभ्य समाज ने पर्दे में रखा जाता है। जिससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड सकता है।

डा. ऋतु की प्रेरणाश्रोत रहीं उनकी मां गीता दलाल ने मीडिया को बताया कि उन्हें आज बहुत खुशी है कि आज उनकी बेटी इस उम्र खिताब जीती है, बेटी के बारे में बताते हुए कहा कि ऋतु बचपन से ही नाचने और फेंशन में आगे ही थी, जिसके चलते ऋतु को डांट भी पडती थी लेकिन ऋतु बचपन से ही हटी रही हैं जो ये ठान लेती है तो उसे बस पूरा करके ही दम लेती है इरादे की बहुत मजबूत है। डा. ऋतु की बेटी श्रीवाली की माने तो उन्होंने उन्हें अपनी मां पर बहुत गर्व है, आज उनकी बजह से मुझे स्कूल फ्रेडों के फोन कॉल आ रहे हैं और बधाईयां मिल रही है, स्कूल में उनके सभी दोस्त उनकी मम्मी को मिस इंडिया कहते हैं, वो भी मां से प्रेरणा लेकर बॉलीबुड में एक्टरस बनना चाहती है।


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