Friday, June 30, 2017

31 दिनों से खराब है डिस्पोजल की मोटर, क्षेत्र की सडक़ें है जलमग्र


फरीदाबाद 30 जून(abtaknews.com) नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर पं. मुकेश शर्मा ने जवाहर कालोनी डिस्पोजल के समीप बिजली की करंट लगने से हुई युवक की मृत्य के लिए नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए कहा कि उनकी लापवाही के चलते एक घर का चिराग बुझ गया। अगर निगम प्रशासन समय पर नींद से जाग जाता तो यह हादसा नहीं होता। श्री शर्मा ने निगमायुक्त को पत्र भेजते हुए कहा कि पिछले 31 दिन से पर्वतीया कालोनी के डिस्पोजल की मोटर खराब हुई पड़ी है, जिसके चलते डिस्पोजल नहीं चल रहा था और जवाहर कालोनी के मार्गाे पर बरसात का पानी जमा था और बिजली की तार टूट कर उस पानी में गिर गई, जिसासे 24 वर्षीय मनोज की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अगर डिस्पोजल की मोटर चालू होती तो क्षेत्र की सडकों पर पानी नहीं भरता और बिजली की तार मनोज को दिख जाती और उसकी जान बच जाती। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी बेशक विकास के कितने बड़े-बड़े दावे कर लें परंतु सच्चाई यह है कि जमीनी स्तर पर कार्य शून्य है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षाे के दौरान क्षेत्र में विकास के नाम पर एक ईट तक नहीं लगी है, इस समय पूरे जिले में अगर सबसे बुरी और दयनीय हालत है तो वह है एनआईटी विधानसभा क्षेत्र की। इस क्षेत्र की अधिकतर कालोनियां मामूली बरसात में जलमग्र हो जाती है और कई-कई दिनों तक जलमग्र रहती है वहीं यहां गंदगी का इतना बुरा हाल है कि यहां आने वाले समय में महामारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर स्थानीय विधायक, भाजपा नेता व निगम के अधिकारी कागजों में खानापूर्ति करके जनता को गुमराह कर रहे है, जबकि सच्चाई तो यह है कि यह सिटी स्मार्ट तो दूर पूरी तरह से साफ भी नहीं है। क्षेत्र के लोग नारकीय जीवन जी रहे है और स्थानीय विधायक अपने स्वार्थ की राजनीति में मशगूल है, उनके पास लोगों की समस्याएं जानने तक का समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार ने उनके क्षेत्र के साथ इसी प्रकार सौतेला व्यवहार जारी रखा तो वह जल्द ही आंदोलन चलाकर लोगों के समक्ष भाजपा का असली चेहरा उजागर करेंगे। 


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