Monday, May 29, 2017

फर्जी कोर्स कराकर खराब किए स्टूडेंट के चार साल, एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन

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 फरीदाबाद(abtaknews.com) 29मई,2017 ; लिंग्याज यूनिवर्सिटी पर फेक कोर्स कराने का आरोप लगातर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के प्रदेश वाइस प्रेजिडेंट प्रदीप धनखड़ के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान लगभग तीन घंटे तक यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना भी दिया। पुलिस मौके पर पहुंचने के बाद स्टूडेंट्स को थाने ले गई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदीप धनखड़ ने बताया कि लिंग्याज यूनिवर्सिटी द्वारा यूजीसी की मंजूरी के बिना फेक कोर्स चलाकर स्टूडेंट्स को ठगने का काम किया जा रहा है। इससे स्टूडेंट्स के पैसे तो बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ ही उनके कैरियर के कई साल भी खराब किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी ने साल 2013 में इंटरग्रेटिड बी - टेक के नाम से कोर्स शुरू कर लगभग 80 स्टूडेंट्स को दाखिला दिया था। इस कोर्स के तहत 10वीं पास स्टूडेंट्स को पहले तीन साल का डिप्लोमा कराया जा रहा है और उसके बाद तीन साल का डिग्री कोर्स कराया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी द्वारा कहा जा रहा है कि यह कोर्ट यूजीसी से अप्रूव्ड है, लेकिन जब इस विषय में यूजीसी के जानकारी मांगी गई, तो पता चला कि यूजीसी द्वारा इस तरह के किसी कोर्स काे मंजूरी नहीं दी गई है। इस कोर्स को करने वाले स्टूडेंट प्रमोद ने बताया कि उन्होंने 2013 में इस कोर्स में दाखिला लिया था और अभी तक 3 लाख 70 हजार रुपये फीस यूनिवर्सिटी में जमा करा चुके हैं। यूजीसी से पता चलने के बाद जब मैने यूनिवर्सिटी से अपना तीन साल का डिप्लोमा मांगा, तो उन्होंने डिप्लोमा देने से मना कर दिया। मैंने कोर्स के सही होने का प्रमाण यूनिवर्सिटी से मांगा, तो उन्होंने मुझे कॉलेज से निकाल दिया। इसके लिए मैंने थाना भूपानी में शिकायत दी है। इस मामले को उठाने के चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुझ पर 20 लाख रुपये की मानहानि का केस भी ठोक दिया है। प्रमोद ने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा उनपर मानसिक दवाब बनाकर इस मामले को शांत करने के लिए कहा जा रहा है। दवाब के कारण ही इस कोर्स को कर रहे दूसरे स्टूडेंट्स भी आवाज नहीं उठा रहे हैं। अब यूनिवर्सिटी मुझे अपना स्टूडेंट होने से ही नकार रही है। जबकि 2016 में ही मैंने यूनिवर्सिटी में एक लाख 40 हजार रुपये फीस जमा दी है और यूनिवर्सिटी की तरफ से मुझे मार्कशीट भी दी गई है। 

प्रदीप धनखड़ ने कहा कि एनएसयूआई हमेशा से ही स्टूडेंट्स के हितों की लड़ाई लड़ती आई है। इसलिए हमने प्रमोद के साथ मिलकर यह प्रदर्शन किया है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कृष्ण अत्री का कहना है कि वो इस लड़ाई को यहीं नहीं थमने देंगे। प्रमोद व उसके जैसे दूसरे स्टूडेंट्स को न्याय दिलाने के लिए हम लड़ाई जारी रखेंगे। अब हम पुलिस कमिश्नर व डीसी को इस मामले में ज्ञापन सौंपगे। उसके बाद यूजीसी ऑफिस पर जाकर प्रदर्शन करेंगे। अगर वहां से भी बात नहीं बनी तो मानव संसाधन मंत्रालय पर जाकर धरना देंगे। मौके पर मोहित लोहिया, कृष्ण नागर, अशोक सरपंच, चेतन दीक्षित, विजय चौहान, अभिषेक वत्स, विपिन शर्मा, पुनित, रुपेश झा आदि मौजूद थे।


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