Wednesday, May 10, 2017

भगवान बुद्ध का मार्ग विश्व शांति का मार्ग है: कपूर सिंह सिंघल


फरीदाबाद, 10 मई,2017(abtaknews.com): तथागत भगवान बुद्ध की 2562वीं जयंती आज यहां बल्लबगढ़ सैक्टर-2 स्थित जेतवन बौद्ध विहार में बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव के रूप मे मनाई गई। बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन भारतीय बौद्ध महासभा के तत्वाधान में किया गया। इस कार्यक्रम मे फरीदाबाद, पलवल, गुडगांव, सोनीपत, एवं राजस्थान के हजारों की संख्या मे बौद्ध धर्म अनुयायियों ने हिस्सा लिया और भगवान बुद्ध द्वारा दिखाये मार्ग पर चलने का प्रण लिया।
इस अवसर पर डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा बनाये गये भारतीय बौद्ध महासभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कपूर सिंह सिंघल ने मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित बौद्ध अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का मार्ग विश्व शांति का मार्ग है। जिस पर चलकर सम्पूर्ण विश्व में शांति, न्याय, भाईचारे और समानता की स्थापना की जा सकती है। समाज को शील, ज्ञान, प्रज्ञा का मार्ग दिखाया। उन्होनें कहा कि भगवान बुद्ध ने समाज में रहने वाले सभी नागरिको को सत्य, अंहिसा पर चलने का मार्ग दिखाया, उन्होने सभी प्रकार की सामाजिक बुराईयों से दूर रहने को कहा है, भगवान ने हमें सभी जीवो के प्रति दयाभाव का आचरण करने का सूत्र दिया है। भगवान ने मनुष्य को शीलवान बनने पर बल दिया क्योंकि शील की सुगंध चारो दिशाओं में फैलती है।
इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व कार्यक्रम के संयोजक डा. लाल सिंह ने कहा कि आज के दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। भगवान बुद्ध ने आज से 2500 वर्ष पूर्व ही लोगो को सभी जीवो के प्रति दया करने व उन्हे न मारने का मार्ग दिखाया था, विशेषकर उन्होने गाय को मारना सबसे दुष्टकर्म माना और लोगो से गाय का न मारने का संकल्प कराया था। भगवान ने उस समय समाज में फैली सभी बुराईयों के खिलाफ आंदोलन चलाया था और लोगो को जागरूक किया था। भगवान बुद्ध ने कन्या को मारने वालों को बताया था कि वे किसी कन्या की हत्या न करें, क्योंकि कन्या ही आगे चलकर एक राजा को जन्म देती है, अर्थात वे बेटी बचाओं जैसी शिक्षा को आज से सैकडो वर्ष पूर्व लोगो को दे गये थे। भगवान बुद्ध ने बेटी की शिक्षा पर भी विशेष बल दिया था। उनके अनुयायियों मे महिलाओं की संख्या भी पुरूषों के मुकाबले कम नही थी।
इस अवसर पर बौद्ध धर्म के गुरू भन्ते शीलरत्न, भन्ते प्रियतिस्स, भन्ते धम्मपाल, भन्ते बुद्धांकुर ने समारोह मे आये बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध द्वारा दिखाये गये मार्ग को बताया और उसपर चलकर विश्व शांति का मार्ग दिखाया। मानव कल्याण के लिए बुद्ध का मार्ग सर्वोतम है। उन्होने लोगो को जीवन को सहज और सरल बनाने का ज्ञान दिया। किसी को कष्ट न देने का भी ज्ञान दिया। उन्होने भगवान बुद्ध द्वारा बताये पंचशील को अपनाने को कहा और सभी को बुद्ध वंदना और त्रिशरण करवाये।
इस अवसर पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी आर.सी. पावरिया, इंकम टैक्स कमिश्नर रामाधार, सुन्दर सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष मानसिंह, पार्षद दीपक चौधरी, रामशरण बौद्ध, के.पी. गौतम, देवीदयाल बौद्ध, हट्टीराम ठेकेदार, रिषपाल प्रेमी, अनशनकारी बाबा रामकेवल, बाबूलाल रवि, दीपचंद बौद्ध भारतीय बौद्ध महासभा पलवल के अध्यक्ष, विजयपाल, वेदप्रकाश दौलताबाद, मानसिंह, संजय कुमार दौलताबाद, नेत्रपाल कर्दम, जगदीश बौद्ध, दिनेश बौद्ध, पन्नालाल, जयपाल, अजीत गौतम, जसवंत सैनी, एसएल दहिया, ज्ञानचंद आनन्द, धर्मवीर, प्रताप पांचाल, कुमारी भूमिका, मुन्नीलाल दीपिया, के.एल. गौतम, जगदीश आर्य, राजा, सोनू मौर्य, मोनू मौर्य, एसके गौतम, फारूख खान आदि गणमान्य लोग विशेष रूप से मौजूद थे।



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