Wednesday, May 31, 2017

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों का सरासर अपमान : संजय भाटिया



फरीदाबाद 31 मई,2017(abtaknews.com )आगामी 4 जून को भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान के साथ चैंपियन ट्रॉफी मेें खेलने उतरेगी। हमारे देश में रोजाना हमले करवाना और अपने यहां प्रशिक्षण देकर आतंकियों को हमारे बेकसूर लोगों को मारने भेजना यह पड़ोसी देश का काम है और इतना कुछ होने के बावजूद भारत सरकार का पाकिस्तान के साथ मैच खेलने पर राजी होना सरकार की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उक्त उद्गार पूर्व हरियाणा रणजी क्रिकेटर व आलोचक संजय भाटिया ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कल हमारे खेलमंत्री  विजय गोयल ने अपने बयान में पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज में खेलने को लेकर यह कहा कि इसका तो सवाल ही पैदा नहीं होता, और वही पाकिस्तान के साथ चैंपियन ट्रॉफी में भारतीय टीम का खेलना उनके बयान को न केवल झुठलाता है बल्कि खेलमंत्री जैसे बड़े औहदे पर बैठे व्यक्ति व सरकार के ऊपर सवालिया निशान भी लगाता है। क्या विडंबना है कि सरहद पर हमारी हिफाजत को लेकर हमारे फौजी जवान अपनी जान न्यौछावर कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ हमारे देश के हुकमरानों को क्रिकेट, हॉकी व अन्य आयोजनों में खेलने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। जब सरकार अपना कत्र्तव्य भूल जाए तो देश की जनता को चाहिए कि वह पूर्ण रुप से ऐसे मैचों व आयोजनों का न केवल बहिष्कार करें बल्कि उसके विरोध में सडक़ों पर उतरना पड़े तो उतरे। श्री भाटिया ने कहा कि अफसोस इस बात का भी है कि भारतीय क्रिकेट टीम के किसी खिलाड़ी, आयोजकों व प्रायोजकों मेें से कोई भी खुलकर सामने आकर यह नहीं बोला कि उन्हें पाकिस्तान के साथ खेलने में आपत्ति है। जरा सोचिए इस प्रकार के आयोजनों के होने पर शहीद के परिवार पर क्या बीतती होगी, मुझे लगता है कि वह अपने आपको ठगा सा महसूस करते होंगे। अंत में उन्होंने कहा कि भारत सरकार को तुरंत प्रभाव से ऐसे सभी आयोजनों चाहे वह खेल के हो, कला व अन्य क्षेत्र के हो, उन पर पूर्ण रुप से पाबंदी लगा देनी चाहिए और अगर सरकार ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाती है तो यह न केवल शर्मनाक है बल्कि शहीदों का भी सरासर अपमान है।

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