Monday, May 15, 2017

कुछ घरेलू उपाय अपनाकर भी हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है ;- डॉ प्रताप चौहान


फरीदाबाद (abtaknews.com)आयुर्वेदाचार्य डॉ प्रताप चौहान, निर्देशक जीवा आयुर्वेदा के अनुसार, हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान अत्यधिक धूप या गर्मी के कारण बढ़ जाता है। अत्यधिक गर्मी या तापमान के कारण पसीना आता है और हीट स्ट्रोक की वजह से शरीर अपने आपको ठंडा करने की क्षमता खो देता है। मानव शरीर का तापमान जब बढ़ जाता है तो यह बुखार कहा जाता है। हालांकि, हीट स्ट्रोक में मानव शरीर का तापमान बढ़ता हैं लेकिन आसानी से नीचे नहीं गिरता है।

कुछ घरेलू उपाय अपनाकर भी हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है 
  • कच्चे आम का रस और इमली हीट स्ट्रोक में शरीर के तापमान को ठंडा रखते  है I कच्चा आम और इमली गर्मी से होने वाली थकान   हीट स्ट्रोक के लिए बहुत अच्छी  प्रभावी मानी जाती  है I इसके अलावा नारियल का पानी  भी ऐसी हालत में एक बहु लाभकारी दवा है I
  • ज्यादा और तंग कपडे पहनने से बचना चाहिए I शरीर का तापमान  घटने पर मरीज को गीले कपडे में लपेट देना चाहिए इससे तापमान सामान्य होने में मदद मिलती है I
  • पानीजूसग्लूकोसइलेक्ट्रोलाइट जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहना चाहिए I
  • प्याज़ स्ट्रोक से शरीर की रक्षा करती है I प्याज़ चीनी और जीरे को रोस्ट कर लें I नित्य इसका सेवन करने से गर्मी से रहत मिलती है I
  • ठन्डे पानी में आलू बुखारे मिला कर पिने से भी हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है I
  • तुलसीधनिया और पुदीने की पतियों भी हीट स्ट्रोक से चाव में लाभकारी हैं I
  • तेज धूप में निकलने से बचे | धूप में छाते, टोपी या स्कार्फ का प्रयोग जरूर करे |
डाॅ मनीषा अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीटयूट नई दिल्ली के अनुसार 45 डिग्री सेल्सियस तापमान तक पहुंच गयी गर्मियों के दिनों में ही हीट स्ट्रोक की शिकायत सबसे ज्यादा आती है। यह वह समय है जब ज्यादातर लोग सूर्य की लू में परिवर्तित अग्निमय किरणों से प्रभावित होते हैं। पसीने की कमी, सिरदर्द और मांसपेशियों की कमजोरी हीट स्ट्रोक के कुछ लक्षण हैं। कई लोगों के लिए हीट स्ट्रोक के लक्षण ज्यादा प्रभावशाली नहीं होते हैं, लेकिन लापरवाही बरतने पर परिणाम घातक हो सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने के दौरान हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस गर्म मौसम में जितना संभव हो उतना ज्यादा पानी पिए। शरीर में पानी और आयोडीन की कमी से सुरक्षित रहने के लिए पानी में थोड़ा नमक व् चीनी  ड़ालकर पीना बेहतर होगा। इस दौरान ज्यादा तले भुने और मसालेदार भारी भोजन से बचें। अपनी रोजाना की आहार दिनचर्या में हल्का भोजन और ज्यादातर जूस जैसे तरल आहार लेने की कोशिश करें। बाहर निकलने के दौरान सूरज की सीधी रोशनी और लू से बचाव के लिए अपने साथ हमेशा छाता, पानी, ग्लूकोज, सनग्लासेज रखें। हलके रंग के कपड़ो का चयन करे इस से धुप के कड़ी किरणों से कुछ राहत मिल सकती है। 

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