Sunday, May 14, 2017

पलवल में गरजेंगे ऋषिपाल अम्बावता, किसानों की हितैषी सरकार, चार मांगों को करे लागू



फरीदाबाद(aabtaknews.com) भारतीय किसान यूनियन (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावता ने कहा कि किसानों ने सोचा था कि अब हमारे अच्छे दिन आयेंगे लेकिन अच्छे दिन की बजाय बुरे दिन आ गये । देश में किसान आत्म हत्याएं रूकने का नाम नहीं ले रही, क्योंकि किसान का परिवार भूखा है, और वह कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है इसलिए आत्म हत्या करने पर मजबूर है। किसान कांग्रेस पार्टी को याद कर कहने लगा कि इससे तो कांग्रेस पार्टी ही अच्छी थी । उन्होने कहा भाकियू ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आह्वान किया है कि पूरे भारत में किसानों के पांच लाख तक का कर्ज माफ करें। उन्होने कहा कि देश में जब तक किसानों के कर्जे माफ नहीं होगे तब तक पूरे देश में किसान आंदोलन किए जाएंगे। इसके लिए उत्तराखंड के हरिद्वार के अलखनंदा मैदान में भाकियू (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावता के नेतृत्व में आगामी 10,11,12 जून को पूरे भारत के 25 किसान संगठनों का एक महाधिवेशन किया जायेगा जिसमें पूरे भारत से लाखों किसान एकजुटता के साथ अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति तय करेगे यदि सरकार फिर भी मांगों को नहीं मानेगी तो दिल्ली में एक मंच पर एकत्रित होकर लड़ाई लडऩे का बिगुल बजायेंगे ।
श्री अम्बावता ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है वो सरासर गलत है क्योंकि सरकार ने ना तो कोई किसानों के लिए आज तक किसान नीति का गठन किया और न ही सरकार के पास किसानों की दोगुनी आय करने के लिए कोई नीति और संसाधन हैं । अगर सरकार वास्तव में ही किसानों की हितैषी है तो सरकार किसानों के हित के लिए चार मांगे ही लागू करके दिखाए, जिनमें (1) कर्जमुक्त हो भारत का किसान (2) स्वामीनाथन रिपोर्ट हो लागू (3) किसान आयोग का हो गठन (4) पांच लाख तक का कर्जा पांच साल के लिए दे सरकार ब्याजमुक्त ।
श्री अम्बावता ने कहा हरियाणा में आगामी 15 मई से किसान पंचायतों का आयोजन किसान यात्रा के द्वारा किया जा रहा है। इसके तहत पहली किसान महापंचायत पलवल जाट धर्मशाला में 15 मई को होगी। किसान महापंचायत का नेतृत्व भाकियू के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष शमशेर सिंह दहिया और पलवल जिलाध्यक्ष ऋषिपाल चौहान व ठाकुर भरतपाल करेगे । इसके बाद मेवात, गुरूग्राम, रेवाडी, रोहतक, पानीपत, अम्बाला, कैथल, झझर, असंद, जींद, कुरूक्षेत्र, करनाल, बदरौला और अंत में चण्डीगढ़ में होगी। उन्होने बताया 21 जिलों में 21 किसान पंचायतों के माध्यम से किसानों को जाग्रित किया जाएगा, ताकि सरकार उनका कर्ज माफ करे। इन पंचायतों में किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए और उन्हें जाग्रित करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अम्बावता व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रभारी बलविन्द्र सिंह बाजवा तथा हरियाणा महिला अध्यक्ष शालिनी मेहता प्रमुख रूप से मौजूद होंगे।


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