Friday, May 26, 2017

किसानों द्वारा हुडा प्रशासक का घेराव, पैसा न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी


फरीदाबाद 26 मई(abtaknews.com ) नहर पार के किसानों ने अधिग्रहित जमीन का कोर्ट द्वारा बढ़ाया गया मुअवाजा न दिये जाने और कोरे आश्वासन देने पर हुडा प्रशासक का घेराव किया है और पैसा न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है। किसानों ने कहा है कि एक तरफ सरकार तीन साल की उपलब्धियां गिनवा रही है दूसरी तरफ किसान आत्महत्या करने पर मजबूर बैठा है किसानों के लिये संवेदनशील होने का नाटक करने वाली सरकार तीन साल में विफल रही है वो सरकार के तीन साल के कार्यकाल को जीरो नम्बर देते हैं। हुडा प्रशासक का घेराव कर रहे ये नहर पार के 19 गांवों के किसान है, जिनकी एक हजार एकड से अधिक भूमि हुडा विभाग ने अधिग्रहण की थी। मुआवजा बढ़ाने के लिए किसान कोर्ट में गए और सैशन कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट ने भी उनका मुआवजा बढ़ा दिया। लेकिन तीन साल होने के बावजूद प्रशासन व सरकार ने उन्हे बढ़ा हुआ मुआवजा आज तक नहीं दिया। इस बारे में किसान स्थानीय अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों व विधायक और मंत्री से भी मिल चुके है। लेकिन सभी ओर से केवल आश्वासन ही मिले है।  घेराव कर रहे किसानो का कहना है कि भाजपा सरकार विकास का ढोल केवल कागजों में पीट रही है, जबकि धरातल पर कुछ नहीं हुआ है। एनसीआर के किसान अपने मुआवजे को लेकर इतने परेशान है कि वे कर्ज में डूबकर आत्म हत्या करने पर मजबूर है और सरकार के मंत्री एसी कमरों में बैठकर विकास का गुणगान कर रहे है। उन्होने भाजपा की केन्द्र सरकार को तीन साल में जीरो नम्बर दिए। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हे बढ़ा हुआ मुआवजा जल्द नहीं दिया गया तो वे आत्हत्या कर लेगें। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के समय उन्हे प्लाट देने का भी वायदा किया था। लेकिन पैसे जमा करने के बावजूद आज तक उन्हे प्लाट नहीं मिला है। वहीं इस बारे में हुडा प्रशासक यशेन्द्र सिंह से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिया ।

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