Sunday, May 14, 2017

इतिहास के महान नायक है महाराणा प्रताप : विपुल गोयल


फरीदाबाद 14 मई,2017 (abtaknews.com ) हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि महापुरुष किसी एक वर्ग के न होकर सभी वर्गों के होते। वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप एक ऐसे महापुरुष थे, जिन्होंने सदैव अन्याय व अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और जीवन में कभी भी हार नहीं मानी। यहां तक कि राजपाट छीनने के बाद भी महाराणा प्रताप ने सभी वर्गों को साथ लेकर मुगलों को भारत से खदेड़ दिया, इसलिए उन्हें इतिहास का नायक कहा जाता है। श्री गोयल आज बल्लभगढ़ में महाराणा प्रताप भवन के शिलान्यास अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथ संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में बल्लभगढ़ के विधायक पं. मूलचंद शर्मा मौजूद थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पियाला के पूर्व सरपंच मोहकम सिंह ने की। उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए विपुल गोयल ने कहा कि वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप ने हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलकर देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए समर्पित भावना से कार्य किया। जंगल में घास की रोटी खाकर फिर से सभी वर्गों के लोगों को साथ मिलाकर सेना तैयार की और मुगलों को भारत छोडऩे के लिए मजबूर कर दिया और ऐसे महापुरुषों को हम व हमारी आने वाली पीढिय़ां सदैव सम्मानपूर्वक याद करती रहेगी। उन्होंने क्षत्रिय सभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे महापुरूषों की याद में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए ताकि हमारेे युवाओं को ऐसे इतिहासकारों से प्रेरणा मिल सके और वह भी संगठित होकर देश व समाज हित में कार्य कर सके। इस अवसर पर उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने महाराणा प्रताप भवन के निर्माण के लिए 21 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधायक मूलचंद शर्मा ने भी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को देश के बेहतर योद्धा की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्होंने देश के विकास व एकता के लिए मुगलों से लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इसलिए हर वर्ग के लोगों को चाहिए कि ऐसे महापुरुषों के बताए रास्तों पर चलकर देश के विकास में सहयोग करें। उन्होंने भी अपने एक साल के वेतन को महाराणा प्रताप भवन के निर्माण के लिए देने की घोषणा की। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक एवं क्षत्रिय सभा बल्लभगढ़ के प्रधान राजेश रावत ने उद्योगमंत्री विपुल गोयल व विधायक मूलचंद शर्मा का कार्यक्रम में पहुंचने पर स्मृति चिन्ह भेंट करके स्वागत किया और श्री गेायल को भवन के निर्माण में आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। जिस पर विपुल गोयल ने उन्हें सभी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। राजेश रावत ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि समाज को एकजुट करने के लिए वह सदैव प्रयासरत है और आज एक मंच पर समाज के सभी लोगों को एक साथ देखकर उन्हें बहुत हर्ष हो रहा है और वह उम्मीद जताते है कि भविष्य में समाज के लोग आपस में इसी प्रकार प्यार व भाईचारा कायम रखेंगे। मंच संचालन जयपाल शास्त्री व प्रेम नारायण शास्त्री ने किया। कार्यक्रम समाजसेवी बैजू ठाकुर एवं प्रदीप राणा ने समाज के लोगों को संगठित होने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि महाराणा प्रताप भवन निर्माण में वह हर तरह से सहयोग करेंगे।  इस मौके पर नयनपाल रावत, हुकम सिंह भाटी, चेयरमैन मार्केट कमेटी, डॉ. हरेंद्र पाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, बेदन सिंह, सुधीर सिंह चौहान, अनिल प्रताप सिंह, कंवल सिंह तंवर, रविन्द्र तौमर, ठाकुर राजाराम, रेणू चौहान, प्रताप भाटी, श्रीराम रावत के अलावा क्षत्रिय सभा कार्यकारिणी के पदाधिकारी राजकुमार गौड़, रामबाबू राघव, सीबी चौहान, सुरेश भाटी, देव कुमार भाटी, होराम सिंह दरोगा, सुभाष भाटी, कुबेर सिंह, नरबीर रावत, सीपी सिंह, संतोष कुमार, मनोज सिसौदिया, बिजेंद्र तोमर, महेश भाटी, जगपाल सिंह, शिवचरण सोलंकी, सूबेदार रतन सिंह, महावीर स्वामी, कमल रावत सहित समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे। 
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स्कूलों को तकनीकी शिक्षा देने के साथ छात्रों को राष्ट्रवादी संस्कारों की घुट्टी भी छात्रों को पिलानी होगी। ये विचार उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने होटल रेडिसन में हुए वल्र्ड एजुकेशन कॉनक्लेव में व्यक्त किए । आईएमएसएमई ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में विपुल गोयल ने कहा कि आज शिक्षा में सुधार के लिए हमारे सामने मुख्य रूप से तीन चुनौतियां हैं।नंबर एक शिक्षा को रोजगार परक कैसे बनाया जाए। कैसे छात्रों को नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा दी जाए। तीसरी चुनौती है शिक्षा के माध्यम से सबको समान अवसर उपलब्ध कराना। उन्होने कहा कि शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए कि छात्रों को नंबर गेम से बाहर निकालकर स्किल डेवलेपमेंट पर ध्यान देना जरूरी है और सरकार स्किल डेवलेपमेंट सेंटर्स  के माध्यम से अपने स्तर पर कोशिशें कर रही है लेकिन हमें स्कूलों को भी नई टेक्नोलोजी के हिसाब से अपग्रेड कर युवाओं का सर्वांगीण विकास करना होगा। विपुल गोयल ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि दुनिया आज भारत के युवाओं की प्रतिभा का लोहा मानती है। गूगल,माइक्रोसॉफ्ट,फेसबुक और तमाम बड़ी कंपनियां भारतीयों के हुनर से चल रही हैं। लेकिन हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता की पहचान बनाए रखनी है तो हमें मशीनें नहीं राष्ट्र प्रथम की सोच वाले युवा तैयार करने होंगे। छात्रों को टैक्नोलोजी की जानकारी देने के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों की घुट्टी भी पिलानी होगी। हम पूरी तरह पश्चिमी सभ्यता का अनुसरण करेंगे तो हमारा क्या रह जाएगा। साथ ही सबका साथ,सबका विकास के नारे को चरितार्थ करने के लिए जरूरी है कि अमीर गरीब सभी छात्रों को शिक्षा का समान अवसर मिले। इसके लिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को मिलकर काम करना होगा ताकि सरकारी स्कूलों का स्तर भी ऊंचा उठ सके। तकनीक,कला और खेलों के साझा कार्यक्रम और सेमिनार आदि के ज्यादा से ज्यादा संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने होंगे ताकि छात्र प्रति स्पर्धा के साथ एक दूसरे से सीख सकें। विपुल गोयल ने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं है ,शिक्षण संस्थान भारत के भविष्य का निर्माण करते हैं उन्होने स्कूल प्रबंधकों और कॉन्क्लेव में मौजूद प्रधानाचार्यों से आह्वान किया कि वो ऐसे भारत का निर्माण करें जिसमें छात्र माउस के भी मास्टर बनें तो मानवीय मूल्यों में भी आगे रहें।इस कॉन्क्लेव में आईएमएसएमई ऑफ इंडिया के चेयरमैन राजीव चावला,दिलीप चिनॉय,आतिशी मरलोना,कर्नल वीके गौड़,अरविंद झा,दीपक मंडोक,राजुल प्रताप और प्रदीप कुमार जैसी शिक्षा और तकनीकी संस्थानों से जुड़ी बड़ी हस्तियों  समेत फरीदाबाद के कई बड़े शिक्षण संस्थानों के प्रबंधको और प्रधानाचार्यों ने शिरकत की।

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