Thursday, May 4, 2017

कर्ज माफ नहीं, तो हर जिले में होगा किसान आंदोलन : अम्बावता



फरीदाबाद(abtaknews.com) भारतीय किसान यूनियन (के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावता ने कहा देशमें किसान आत्म हत्याएं रूकने का नाम नहीं ले रहीक्योंकि किसान का परिवार भूखा हैऔरवह कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है इसलिए आत्म हत्या करने पर मजबूर है। उन्होने कहाभाकियू ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्रलिखकर यूपी सरकार की तर्ज पर हरियाणा के किसान का कर्ज माफ करने की अपील की है।उन्होने कहा यूपी की तर्ज पर पूरे देश में किसानों के कर्जे माफ होंअन्यथा पूरे देश में किसानआंदोलन किए जाएंगे। 
श्री अम्बावता ने कहा हरियाणा में आगामी 15 मई से किसान पंचायतों का आयोजन किसान यात्रा के द्वारा किया जा रहा है। इसके तहत पहली किसान पंचायत पलवल जाट धर्मशाला मेंहोगी। इसके बाद मेवातगुरूग्रामरेवाडीरोहतकपानीपतअम्बालाकैथलझझरअसंद,जींदकुरूक्षेत्रकरनालबदरौला और अंत में चण्डीगढ़ में होगी। उन्होने बताया 21 जिलों में 21किसान पंचायतों के माध्यम से किसानों को जाग्रित किया जाएगाताकि सरकार उनका कर्जमाफ करे। इन पंचायतों में किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए और उन्हें जाग्रित करनेके लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अम्बावता  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रभारीबलविन्द्र सिंह बाजवा तथा हरियाणा महिला अध्यक्ष शालिनी मेहता प्रमुख रूप से मौजूदहोंगे। 
उन्होने बताया किसान पंचायतों की अध्यक्षता जिले के जिला अध्यक्ष करेंगेजिनमें पलवलसे ऋषिपाल चौहानमेवात से अयुब खानगुरूग्राम से सरूप सिंह कटारियाअसंध से गुरूमुखसिंहझझर से ओमवीर सिंहसोनीपत से नफेसिंहकुरूक्षेत्र से इंद्रपाल स्वामीकरनाल सेजसप्रीत सिंह  सरदार मिट्ठू सिंहअम्बाला से सुरेन्द्र सिंहबदरौला से राजसिंह प्रधान,फरीदाबाद से ज्ञानेन्द्र त्यागीग्रेटर फरीदाबाद से शिवकुमारपानीपत से जोगिन्द्र सिंह औरफतेहाबाद से हंसराज होंगे।
श्री अम्बावता ने कहा आगामी 10 से 12 जून तक हरिद्वार के अलखनंदा मैदान में चलने वाले18 वें राष्ट्रीय किसान अधिवेशन में किसानों के समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा,और यदि सरकार मांगों को नहीं मानेगी तो यूपीहरियाणापंजाबराजस्थानमध्य प्रदेश,महाराष्ट्र सहित पूरे देश में किसान चेतना यात्रा निकाली जाएगी और सभी प्रदेश अध्यक्षयात्राओं का नेतृत्व करेंगे। उन्होने कहा पूरे देश के किसानों की समस्या एक है। उन्होने कहाभाकियू के साथ 20 किसान संगठन एक मंच पर है। उन्होने कहा किसानों की हालत सुधारनेके लिए सरकार तुरंत प्रभाव से स्वामी नाथन आयोग की रिर्पोट लागू करे। पूरे देश का किसानकर्ज मुक्त होऔर बैंकों से बिना ब्याज पर खेती के लिए धन मिले। फसल खराब होने पर 50हजार रूपए प्रति एकड मुआवजा मिलेहर जिले में निशुल्क किसान ट्रेनिंग सेंटरकिसान केबच्चों को निशुल्क शिक्षाऔर 15 लीटर डीजल छूट पर मिले। पानी-बिजली सस्ती मिले।फसल को सीधे सरकार तक देने की सुविधाबिचौलिए खत्म हों। 1894 भूमि अधिग्रहण बिलसमाप्त हो। किसानों को खेती यंत्रों पर 50 प्रतिशत की सब्सीडी मिले।

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