Thursday, May 11, 2017

धर्म पब्लिक स्कूल में लगाई गई दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रदर्शनी


पलवल, 11 मई,2017(abtaknews.com ) अभिलेखागार विभाग हरियाणा, रोहतक मण्डल द्वारा धर्म पब्लिक स्कूल पलवल में हरियााणा राज्य के स्वर्ण जयन्ती के उपलक्ष्य में 10 मई से 11 मई तक हरियाणा के दुर्लभ एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन धर्म पब्लिक स्कूल के निदेशक पवन कुमार अग्रवाल ने किया। उन्होने प्रदशनी को विद्यार्थियों के लिए बहुत ही ज्ञानवर्धक बताया।
अभिलेखागार विभाग हरियाणा रोहतक मण्डल के सहायक निदेशक बलदेव सिंह व अभिलेखपाल रणवीर सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में मुख्यत: सन् 1808 के नक्शे में उस समय के हरियाणा से सम्बन्धित आधुनिक स्थानों को दर्शाया गया है। सन् 1836 में शमशुद्दीन खान को मिस्टर फ्रेजर की हत्या के जुर्म में दी गई फांसी की सजा, 1857 में अम्बाला छावनी में 26 मार्च 1857 से प्रथम मई 1857 तक आगजनी की घटनाओं की रिपोर्ट जिसमें बताया गया कि अम्बाला में मेरठ से फौजी आए तथा उन्होने अंग्रेजो के बंगलों, सस्त्रागार, घुडसाल में आग लगाई थी। इस प्रकार अम्बाला में मेरठ से भी पहले क्रान्ति का आगाज हो गया था। तथा 10 मई 1857 को अम्बाला में 5वीं और 60वीं रेजिमैंटों द्वारा शस्त्र उठाने की रिपोर्ट, 31 अक्तुबर, 1857 को झज्जर के किले में पाये गये खजाने जिसमें 5 बैग सोने की मोहरे थी। प्रत्येक बैग में एक हजार सोने की मोहरे थी, प्रत्येक मोहर की कीमत 16 रूपये, कुल कीमत 80 हजार रूपये तथा 59 बैग चादी के सिक्कों के दर्शाए गए हैं, प्रत्येक बैग में 1000 सिक्के थे प्रत्येक सिक्के की कीमत 01 रूपया थी। सोने व चादीं के सिक्कों की कुल कीमत 1 लाख 39 हजार रूपये दर्शायी गई की रिपोर्ट।  
उन्होंने बताया कि 1857 में आखिरी मुगलबादशाह बहादुरशाह जफर द्वारा पहने गए गहनों की सूची जिसमें उन गहनों की कुल कीमत 66 हजार 905 आंकी गई थी। 5 जून 1857 में कैप्टन एच0आर0 जेम्स कार्यवाहक सचिव, मुख्य आयुक्त पंजाब द्वारा सचिव भारत सरकार विदेशी विभाग को लिखा पत्र जिसमें मिस्टर वैडरबर्न कलैक्टर हिसार कीे उनकी कचहरी में हत्या करने की सूचना, सन् 1919 में महात्मा गांधी के पंजाब आने पर प्रतिबंध तथा उनके द्वारा सरकार के उक्त आदेश ना मानने पर 10 अपै्रल 1919 को पलवल में हुई उनकी गिरफतारी जिसका ब्यौरा 11 अप्रैल 1919 के बम्बई क्रोनिकल समाचार पत्र में छापा गया, 1930 में आर्य समाज हाई स्कूल शाहबाद के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेने की रिपोर्ट, विदेशी कपडों के बहिष्कार करने के समर्थन में विद्यार्थी द्वारा एक गधा किराये पर लेकर उसे विदेशी कपडे जैसे पैंट, कोट, टोपी, चश्मा तथा गले में टाई पहनाकर जलूस निकाला गया। प्रदर्शनी में शहीद भगतसिंह को लाहौर दशहरा बम्ब कांड बारे जेल में दर्शाया गया तथा शहीद भगतसिंह को दी गई फांसी के आदेशों की प्रति भी दर्शाई गई है।
इसके अतिरिक्ति प्रदर्शनी में झज्जर के नवाब अबदुल रहमान खान, बल्लबगढ के राजा नाहर सिहॅ, राव तुला राम, हांसी के लाला हुकम चन्द जैन आदि की फोटोग्राफी भी प्रदर्शित किए  गए । 
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक श्रीमती अनीता गुलाटी, श्रीमती मीनाक्षी, उमाशंकर, रूद्त शर्मा, रोहित, अजय, श्रीमती सिमरण, गुरजिन्द्र व अन्य अध्यापकगण सहित विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

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