Thursday, May 4, 2017

फरीदाबाद में स्वीमिंग भी चल रही भाडे पर, किराये पर चलने वाले पूल के हैं चार कोच


फरीदाबाद 4 मई,2017 (abtaknews.com ) एक तरफ हरियाणा सरकार खेलों को बढ़ावा देने और ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाडियों को प्रोत्साहन देने के लिए ईनाम के राशि लगातार बढ़ा रही है, वहीं फरीदाबाद के खेल विभाग के पास महत्वपूर्ण खेलों के लिए कोच तक उपलब्ध नहीं है। खेल परिसर और डीसीए क्लब में चल रहे स्वीमिंग पूल भी भाडे पर चल रहे है। मजेदार बात तो ये है कि स्वीमिंग पूल भाडे पर चल रहे हैं जिसके कोच खेल विभाग ने चार - चार रखे हुए हैं, जो खेल, खेल विभाग द्वारा करवाये जा रहे हैं उनके एक - एक कोच भी नहीं हैं।  कोचों की कमी के कारण यहां के खिलाड़ी उच्च स्तर पर होने वाली खेल प्रतियोगितायों में पदक लाने से वंचित रह जाते है।  फरीदाबाद के सैक्टर 12 खेल परिसर में दिखाई दे रहा यह स्वीमिंग पुल एस्कॉर्ट की ओर से बनाया गया है और इसी प्रकार डीसीए क्लब में चल रहा स्वीमिंग पूल भी भाडे पर है। हालांकि इसके लिए खेल विभाग  ने चार कोच रखे हुए है, 4 सरकारी कोच होने के बाबजूद भी स्वीमिंग सीखने वालों को भारी फीस का खामियाजा प्राईवेट कोचों का उठाना पड़ता है। फरीदाबाद में वॉलीवाल, फुटवाल, लॉन टैनिस, कब्बडी, जुडो और योगा के लिए एक भी कोच खेल विभाग के पास नहीं है। जिसके कारण इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए विभाग को बहार से जुगाड  करना पड़ता है और इसका नतीजा खिलाडिय़ों की प्रतीभा पर पड़ता है। 
जिला खेल अधिकारी मैरी मैसी की माने तो उनके पास कई खेलों के लिए कोच नहीं है और वे सरकार को इसके बारे में लिखते रहते है। इन खेलों के लिए वे अपनी टीम जरूर भेजते है, लेकिन बहार से कोच का प्रबंध करकें। इससे महिला खिलाड़ी सहज नहीं हो पाती है। दोनों स्वीमिंग पूलों से उन्हे प्रति वर्ष लगभग 40 लाख रूपए किराया मिलता है। उसके बाबजूद भी सरकार ने स्वीमिंग पूल किराये पर होने के बाद भी चार - चार कोच रखे हुए हैं, बिडम्बना की बात तो ये है कि वॉलीवाल, फुटवाल, लॉन टैनिस, कब्बडी, जुडो और योगा जैसे महत्वपूर्ण खेलों के लिये खेल विभाग के पास एक भी कोच नहीं है। दुर्भाग्य से यहां इन खेलों के कोच या तो विभाग की ओर से आए ही नहीं या फिर यहां के कोचों ने रूचि नहीं दिखाई। सरकार क्या इसी तरह खेलों को बढ़ावा देगी कि कहीं कोच नहीं है तो कही साजो सामान ही नहीं-----?

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