Thursday, May 18, 2017

पांच जून को विश्व पर्यावरण को स्वछता दिवस के रूप में मनाये ;- ओमप्रकाश धनकड़



चंडीगढ़, 18 मई,2017(abtaknews.com )हरियाणा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ओम.प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा देश का पढ़ी लिखी पंचायते देने वाला राज्य बनने के बाद अब जनप्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास में दक्ष एवं एजेण्डा युक्त बनाने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों के साथ अल्पावधि के पाठ्यक्रम के सर्टिफिकेट कोर्स आरम्भ करवाने वाला राज्य भी बन गया है। आज यहां जारी एक व्यक्तव्य में श्री धनखड़ ने कहा कि जनप्रतिनिधि स्वयं तय करे कि उनके क्षेत्र का विकास का स्वरूप क्या हो। सरकार की ओर से सहयोग की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। पहली बार जिला परिषदें व पंचायत समितियों को सीधे फण्ड आवंटित कर उन्हें कार्य सौंपे गए है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की वे पांच जून को विश्व पर्यावरण  के अवसर पर पूरे प्रदेश में मनाए जा रहे स्वच्छता दिवस को अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को एकत्रित कर गली मोहल्लों की विशेष सफाई के लिए कार सेवा करे ताकि लोग याद रखे की अमूक सरपंच या पंचायत सदस्य के कार्यकाल में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया था। 
श्री धनखड़ ने कहा कि शीघ्र ही विभाग जनप्रतिनिधियों के लिए नाना जी देशमुख द्वारा स्थापित चित्रकूट के ग्रामीण विश्वविद्यालय तथा अन्नाहजारे के रालेगण सिद्घी का दौरा भी करवाएगा ताकि हरियाणा के्र जनप्रतिनिधी भी ग्रामीण विकास के आईकॉन मॉडलस का  अवलोकन कर सकें और अपने -अपने क्षेत्र में इसे लागू करने का एजेंडा बना सकें। 
उन्होंने कहा कि मानव को प्रकृति से जोडऩा है तथा हमें अपनी पुराने जोहड़ो, बावडिय़ों को फिर से अस्तित्व में लाना है। जनप्रतिनिधियों ने लोगों को किसी भी अभियान से जोडऩे में एहम भूमिका निभाती है।     उन्होंने कहा कि इससे पूर्व हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी में जन प्रतिनिधियों का आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें ग्रामीण विकास विशेषज्ञों जैसेकि झारखण्ड में जनजाति विकास में उल्लेखनीय कार्य करने वाले चेतन भगत, नोएडा उत्तरप्रदेश के कमल डावरी तथा खादी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पदमश्री महेश शर्मा, रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी, मुम्बई के डॉ. विनय सहास्रबुद्घे, रविन्द्र साठे जैसी विभूतियों द्वारा व्याख्यान दिए गए थे। 
 श्री धनखड़ ने कहा कि प्रशिक्षण मुख्य रूप से छ: विषयों पर केन्द्रित होगा, जिनमें पंचायती राज अधिनियम के तहत जनप्रतिनिधियों के अधिकार व कत्र्तव्य, ग्रामीण विकास की समग्र योजना, आधुनिक युग की मुख्य  फोक्स योजनाएं, प्रेरणा, किसी विशेष क्षेत्र की सफल उपलब्धियों पर वृत्तचित्र तथा कौशल विकास को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि अब जन प्रतिनिधियों के लिए विश्वविद्यालयों के साथ अल्पवधि के सर्टिफिकेट कोर्स भी आरम्भ हो चुके हंै। श्री धनखड़ ने कहा कि हर गांव की एक वैबसाइट तैयार की जा रही है जिस पर ग्रामीण विकास योजनाओं की सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी। अभी हाल ही मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व केन्द्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रोहतक जिले के निदाना गांव की बैवसाइट की शुरूआत की थी। स्वर्ण जयंती वर्ष के कार्यक्रमों के दौरान अनेक गांवों की बवैसाइट लॉच की जाएगी। 

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