Wednesday, May 17, 2017

बाढ़ की सम्भावना को देखते हुुए उपायुक्त समीरपाल सरों ने ली जिला अधिकारियों की बैठक


फरीदाबाद, 17 मई,2017(abtaknews.com ) आगामी मानसून के मौसम में जिले में बाढ़ की सम्भावना को देखते हुुए उपायुक्त समीरपाल सरों ने जिला के सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों की एक बैठक यहां अपने कार्यालय में ली। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त एवं फरीदाबाद के एसडीएम जितेन्द्र दहिया, फरीदाबाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त पार्थ गुप्ता, बडख़ल के एसडीएम रीगन कुमार, बल्लबगढ़ के एसडीएम अमरदीप जैन, चीफ वार्डन सिविल डिफैंस डा. एमपी सिंह, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियन्ता वी.एस. रावत, हुडा के कार्यकारी अभियन्ता राजेश शर्मा, डीसीपी सैन्ट्रल भूपेन्द्र सिंह, जिला रैडक्रॉस सोसायटी के सचिव बी.बी. कथूरिया, जिला उद्योग केन्द्र के संयुक्तायुक्त अनिल चैधरी, जिला सिविल सर्जन डा. गुलशन अरोड़ा, डिप्टी डीईओ, पशु पालन विभाग की उपनिदेशक डा0 नीलम आर्य, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कु0 अनुल जैन,, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र चैहान तथा खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रदीप कुमार व पूजा शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक में उपायुक्त समीरपाल सरो ने आदेश दिए कि आगामी 30 जून तक यमुना नहर के आस-पास के गावों की पहचान कर ली जाये जहां पर नदी में बहुतायत में पानी आने की सम्भावना रहती है। हर गांव में बांध बनाने हेतु या पानी को रोकने हेतु मिट्टी भरे हुए लगभग 15 हजार बैग तैयार करा लिये जायें।  यह कार्य अतिरिक्त उपायुक्त और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियन्ता द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा और इन कट्टों को तैयार करने के लिए एनसीसी व समाज सेवियों के कैम्प भी लगाये जायें। 
 उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अतिशीघ्र नदी के किनारे स्टोन वर्क व पिचिंग वर्क तैयार कर लें और सम्बन्धित एसडीएम की निगरानी में फोटो खींचकर कार्य पूरा होने की रिपोर्ट कार्यालय में जमा करायें। उन्होंने कहा कि निचले जमीनी स्तर के गांवों में पानी भर जाता है अत: इनमें पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जायें ताकि जल भराव की वजह से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने सिविल सर्जन को आदेश दिए कि उल्टी, दस्त, बुखार आदि बीमारियों से बचाव के लिए किट्स तैयार कर ली जायें और गांवों में गर्भवती महिलाओं की जांच करके उनका डाटा भी तैयार कर लिया जाये। आपात कालीन स्थिति में पीडि़तों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने वाले वाहनों की लिस्ट तैयार की जाये और उनके रूकने की व्यवस्था के लिए किसी भी नजदीकी स्कूल अथवा धर्मशाला आदि सार्वजनिक स्थल को चिन्हित कर दिया जाये। 
श्री सरों ने कहा कि अनैतिक रूप से चलने वाली जेसीबी व अन्य वाहनों को सम्बन्धित थानों में बंद कर दिया जाये ताकि आपात कालीन स्थिति में उन वाहनों का सदुपयोग किया जा सके। उन्होंने जिला रैडक्रास सोसायटी के सचिव को आदेश दिए कि पीडि़तों को खाने-पीने, रहने-सहने आदि की व्यवस्था की जाये और प्राथमिक चिकित्सा सहायकों व समाजसेवियों की क्विक रिस्पॉंस टीम तैयार कर ली जाये। उन्होंने बताया कि अनुल जैन के नेतृत्व में सभी विद्यालयों में पीने के पानी की टंकियों को साफ करके क्लोरोनाइजेशन किया जाये जिसमें दोनों खण्ड शिक्षा अधिकारी, सम्बन्धित स्कूल प्रभारी, डा. एमपी सिंह तथा दोनों एसडीएम जांच कमेटी में शामिल रहेंगे। 
उपायुक्त ने इस पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने हेतु व जांच पड़ताल करने हेतु बडख़ल के एसडीएम रीगन कुमार को नोडल अधिकारी बनाया और कहा कि उनकी देखरेख में आगामी जून माह से जिले का फ्लड कन्ट्रोल रूम लघु सचिवालय सैक्टर-12 में शुरू कर दिया जायेगा। इसमें पुलिस विभाग से एक, नगर निगम से एक तथा सिंचाई विभाग से एक कर्मचारी व एक अधिकारी की डयूटी रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के मोबाइल नम्बर बोर्ड पर दर्शाए जायें ताकि कोई भी जरूरत पडऩे पर उन अधिकारियों से सम्पर्क किया जा सके। 
 श्री सरों ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि किसी भी अधिकारी का फोन बंद नहीं रहना चाहिए और कोई भी कॉल आने पर प्रत्येक सम्बन्धित अधिकारी को फोन सुनना अति आवश्यक होगा। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि सभी बोट ठीक होनी चाहिए और तैराकों की लिस्ट व बोट चलाने वालों की लिस्ट तैयार करें। यदि डीसी रेट पर कोई व्यक्ति काम करना चाहता है तो उनके बायोडाटा ले लें और जांच पड़ताल करके उन्हें काम पर रख लें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबन्धन के विशेषज्ञों की लिस्ट भी तैयार करें और उनके मोबाइल नम्बर प्रत्येक आवश्यक स्थान पर दर्शाए जायें ताकि आपातकालीन स्थिति में उनकी सेवाएं ली जा सकें। बैठक में जिला के अन्य सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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