Wednesday, May 24, 2017

सरकार के 3 साल, निगम पर चल रहे हैं 3 धरने, निगम बना दिल्ली का जन्तर-मन्तर


फरीदाबाद 24 मई,2017(abtaknews.com )केन्द्र सरकार सत्ता के 3 साल पूरे होने का जश्र मना रही है और फरीदाबाद के नगर निगम मुख्यालय को तीन अलग अलग विभागों के कर्मचारियों ने टैंट लगाकर दिल्ली के जन्तर मंतर में तब्दील कर दिया है, पहला टैंट नगर निगम बचाओ संघर्ष समिति द्वारा गेट नम्बर 1 पर पिछले 16 दिनों से लगाया हुआ है जिसके 170 कर्मचारी निगम में पक्का करने और भ्रष्ट्राचार खत्म करने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। दूसरा टैंट पिछले 6 दिनों से नगर निगम में स्थापना अधिकारी पद पर कार्यरत रतन रोहिला द्वारा निगम में करोडों के घोटाले और राजनेताओं के आर्शीवाद से निगम अधिकारियों द्वारा भ्रष्ट्राचार करने के आरोप में लगा हुआ है इस प्रदर्शन को सत्याग्रह का नाम दिया हुआ है जिसमें शहर के समाजिक लोग भी जुड रहे हैं। वहीं तीसरा टैंट हाल ही में नगर निगम सफाई कर्मचारियों द्वारा न्यूनतम वेतन 15 हजार और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने को लेकर लगाया हुआ है। निगम पर सरकार के खिलाफ चल रहे रोष प्रदर्शनों को लेकर समाजसेवी और कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी तरह से फैल हो गई है इसलिये 3 साल का जश्र मनाकर जनता को गुमराह कर रही है। सरकार के 3 साल, कर्मचारी हुए बेहाल। मामला फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय का है जहां इन दिनों मुख्यालय के दोनो गेटों पर एक तरफ 20-20 साल से कच्चे कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे कर्मचारी नियमित करने की मांग को लेकर काफी दिनों से धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल कर रहे है। तो वहीं दूसरे गेट पर निगम में स्थापना अधिकारी के पद पर रतन लाल रोहिल्ला निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सत्याग्रह कर रहे है। इतना ही नहीं दोनों गेटों के बीच में खाली पडे स्थान पर भी हाल ही में नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 15 हजार और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिये प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पहला टैंट करीब 16 दिन पहले नगर निगम बचाओं संघर्ष समिति द्वारा लगाया गया है इस टैंट में निगम के 20-20 साल पुराने कच्चे कर्मचारी पक्का करने की मांग को लेकर क्रमिक भूख हडताल पर बैठे हुए हैं, 170 कर्मचारी पक्का होने की मांग को लेकर छुट्टी के दिनों में भी धरने पर अडे हुए हैं, इतना ही नहीं कर्मचारियों ने खाने पीने के लिये गैस चूल्हा भी धरना स्थल पर रख दिया है। देवेन्द्र और काशीराम की माने तो वो क्रमिक अनशन पर है जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक वो निगम मुख्यालय पर ही जमे रहेंगे इसबार आरपार की लडाई लडने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे।
निगम के दूसरे गेट पर निगम निगम में स्थापना अधिकारी पद पर कार्यरत रतन रोहिला पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं इस धरने को उन्होंने सत्याग्रह का नाम दिया हुआ है, जिसे शहर के समाजसेवियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। इस बारे में रतर रोहिला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वो निगम फैले हुए भ्रष्ट्राचार के खिलाफ पिछले 20 सालों से लडते आ रहे हैं इसके लिये उन्होंने जेलें भी काटें है और कई बार निलबिंत भी किये गये हैं, मगर इस बार उन्होंने निगम में बडे करोडों के घोटाले के बारे में आवाज उठाई तो राजनेतओं के आर्शीवाद से शक्तिशाली बने हुए अधिकारियों उनका तबादला कर दिया है।
वहीं दोनों गेटों के बीच में हाल ही में नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने अपना टैंट गाड दिया है हजारों कर्मचारियों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 15 हजार किया जाएं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू की जायें। इन कर्मचारियों के प्रदेश स्तरीय नेता नरेश शास्त्री की माने तो सरकार की नीतियों से परेशान होकर कर्मचारियसों को निगम पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड रहा है, सरकार इन तीनों सालों में पूरी तरह से विफल रही है इसी नाकामयाबी को छुपाने के लिये 3 साल का जश्र मनाकर जनता को गुमराह कर रही है।
वहीं इन तीनों धरना प्रदर्शन के बारे में समाजसेवी अनशनकारी बाबा रामकेवल से बात की गई तो उन्होंने बताया फरीदाबाद के राजनेताओं की सह पर निगम में भ्रष्ट्राचार फैल गया, इन तीन सालों में सरकार के मंत्री और संत्रियों ने अपना पेट भरा है।

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