Monday, May 22, 2017

जीवा आयुर्वेद ने मनाई 25 वर्षों की उपलब्ध पर निःशुल्क मैगा हेल्थ कैंप्स का आयोजन


फरीदाबाद , 22 मई 2017(abtaknews.com): जीवा आयुर्वेद पिछले 25 वर्षों से विश्वस्तर पर लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र मेें बेहतरीन आयुर्वेदिक उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इस संस्थान के 25 वर्ष पूरा होने पर जीवा आयुर्वेद ने देश में स्थापित अपने सभी आयुर्वेदिक केंद्रों पर निरामया के नाम से 13 मई से 21 मई के बीच मैगा फ्री हेल्थ कैंप्स का आयोजन किया। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए देश में स्थापित सभी केंद्रों पर लगभग लोग पहुंचे। इस दौरान हेल्थ कैंपों में आए लोगों को संस्थान के आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा आॅस्टियोपोरोसिस, रयूमेटायड अर्थराइटिस, डायबिटीज, जोड़ों में दर्द, पाचन संबंधी समस्या, त्वचा रोगों, बालों का झड़ने, पाइल्स, मोटापा संबंधी समस्याओं के लिए निःशुल्क सलाह दी गई।  इसके अलावा बदलते लाइफस्टाइल के कारण उत्पन्न दूसरी अन्य बीमारियों के बारे में भी बताया गया। 

इस अवसर पर जीवा आयुर्वेद के डायरेक्टर डाॅ प्रताप चौहान ने कहा कि आयुर्वेद के अनुसार, कोई भी व्यक्ति स्वस्थ तब कहा जाता है जब जठराग्नि संतुलित और दोष साम्य अवस्था में हों, तीनों अपशिष्ट (मल, मूत्र और पसीना) सामान्य व संतुलित स्तर पर निकलें, सभी इंद्रियां सामान्य रूप से कार्य करें, और शरीर, मन व चेतना के बीच सही तालमेल हो। जब भी इन प्रणालियों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो रोग की शुरुआत हो जाती है।
डॉ. चौहान कहते हैं कि, “जैसे-जैसे टैक्नोलोजी ने शारीरिक श्रम का स्थान लिया, मनुष्य के शारीरिक कामकाज करने में कमी पाई गई है-यह अनेक प्रकार के विकारों के बढ़ाने का महत्वपूर्ण कारण है। हमारी सुस्त जीवनशैली मधुमेह, हाइपरटेंशन, मोटापा और हृदय से जुड़ी तकलीफों के लिए महत्त्वपूर्ण उत्तरदायी कारक हैं।”

भारत में 6.13 करोड़ मधुमेह रोगियों के साथ दुनिया के सबसे अधिक रोगी हैं। पिछले कई सालों से औसत कैलोरी इनटेक में वृद्धि दर्ज की गई है। घर में बने साधारण खाने के बजाय, ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से उपलब्ध प्रोसेस्ड फूड अपना रहे हैं। भारत में बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों का यह भी एक बड़ा कारण है। 
डाॅ चौहान ने कहा कि, “आयुर्वेद को प्राकृतिक तरीके से उपचार करने का विज्ञान माना जाता है क्योंकि यह हमें मनुष्य की उन क्षमताओं और बुद्धि को साधने में मदद करता है जो शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक तत्वों से मिल कर बनती है। जब हम अपनी भीतरी चेतना को पा लेते हैं, तो प्राकृतिक रूप से स्वस्थ, संतुलित, सुव्यवस्थित और संतुष्ट जीवन व्यतीत करते हैं। तब हम सही मायनों में पूरा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर पाएंगे व बीमारियों को जड़ से दूर कर पाएंगे।”
आयुर्वेद का प्राचीन विज्ञान, दवाओं, खान-पान के तरीकों और जीवनशैली सहित उपचार की विस्तृत विधि उपलब्ध कराता है। आयुर्वेद लाइफस्टाइल बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को बिना किसी दुष्प्रभाव के अनेक लाभ पहुंचाता है।

डाॅ चौहान ने कहा कि ‘‘समय से पहले होने वाले 80 फीसदी हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह को आयुर्वेद से रोका जा सकता है।’’ आयुर्वेद सिर्फ लक्षणों से राहत नहीं देता, बल्कि रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बल देता है, पाचन बेहतर करता है और उन्हें कुल मिलाकर सेहतमंद जिंदगी जीने की दिशा में आगे ले जाता है। आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र में जीवा आयुर्वेद को आयुर्वेद पद्धति के अनुसार उपचार करने और लाइफस्टाइल विकारों के रोगियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित दवाईयां बनाने में विशेषज्ञता हासिल है।

जीवा आयुर्वेद को असाध्य कही जाने वाली अनेक बीमारियों, जैसे हाइपरटेंशन, मधुमेह, माइग्रेन, हृदय रोग, अस्थमा, मोटापा आदि के उपचार में विशेषज्ञता हासिल है। खासतौर पर तैयार की गई हर्बल दवाओं, उचित मात्रा और सही जीवनशैली की मदद से अनेक बीमारियों के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लक्षणों को कम किया जा सकता है।

डॉ. चौहान के अनुसार, हाइपरटेंशन के लिए आयुर्वेद पद्धति से किया गया उपचार समस्या की जड़ को पहचानता है और फिर उपयुक्त जड़ी-बूटियों द्वारा इसकी जड़ को समाप्त किया जाता है। ऐसा होने के लिए पाचन का बेहतर होना और जठराग्नि का सशक्त होना बहुत महत्वपूर्ण है। दूसरे, हृदय में जमा हो चुके विषाक्त पदार्थों को हटाना होता है। आखिर में मस्तिष्क को आराम पहुंचाने वाली तकनीकें आती हैं - इनमें ध्यान, योग और प्राणायाम शामिल हैं। 
डॉ. चौहान ने बताया कि, “आयुर्वेद के विशेषज्ञ किसी भी प्रकार की लाइफस्टाइल बीमारी का उपचार करते हुए आनुवांशिक, पर्यावरण या शारीरिक, सभी प्रकार के कारकों पर ध्यान देते हैं।” 
जीवा आयुर्वेद, हर घर में प्रामाणिक आयुर्वेद उपचार लाने के मिशन के साथ काम कर रहे,  दुनिया का पहला और सबसे बड़ा टेलीमेडिसिन केन्द्र चला रही है। जीवा टेलीमेडिसिन सेंटर के माध्यम से छोटे शहरों के रोगियों को उनके रोग के अनुसार उनके दरवाजे पर प्रामाणिक, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उपचार और उत्पाद पहुँचा रहा है।

अब जीवा आयुर्वेद के 57 क्लीनिक देश के 15 राज्यों में कार्यरत हैं। मधुमेह, जोड़ों का दर्द, पाचन विकार, माइग्रेन और बालों व त्वचा से जुड़ी समस्याओं के उपचार में जीवा आयुर्वेद को विशेष अनुभव और क्षमता प्राप्त है।

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