Wednesday, May 31, 2017

नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार के खिलाफ 15 वें दिन भी सत्याग्रह जारी


फरीदाबाद, 31 मई,2017(abtaknews.com)सेक्टर 3 रेजिडेन्ट वैलफेयर एसोसिएशनों की फैडरेशन के प्रधान सुभाष लाम्बा व महासचिव जे.के. सेठी ने आरोप लगाया है कि फरीदाबाद नगर निगम का पैसा ठेकेदार, अधिकारी और राजनेता मिलकर खा रहे हैं।  नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने और पूर्व में हुए घोटालों की सी.बी.आई. जांच की मांग को लेकर नगर निगम मुख्यालय पर चल रहे सत्याग्रह पर उपस्थित शहरवासियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब जनता की गाढ़ी कमाई की लूट-खसोट को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।  उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार विरोधी मंच के द्वारा घोटालों की चार्जशीट पर सरकार, नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी चार्जशीट को सही साबित कर रही है तो ऐसे में जांच के आदेश देने में देरी क्यों हो रही है।  उन्होंने कहा कि निगम मुख्यालय मिनी जन्तर मन्तर बन चुका है, जिससे साबित होता है कि निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली जनहितैषी नहीं है। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी मंच विशेषकर निगम अधिकारी रतन लाल रोहिल्ला के द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध चलाई गई मुहिम का सेक्टर 3 के हजारों नागरिकों की ओर समर्थन करते हुए कहा कि अभी तो उनकी ओर से यह ट्रैलर है और यदि सरकार ने आंदोलनकारियों की बातों को अनसुना किया तो सेक्टर 3 के नागरिक अन्य जनसंगठनों और सामजिक संस्थाओं के साथ मिलकर निगम अधिकारियों का घेराव करेंगे। एसोसिएशन के सचिव रतन लाल राणा, वरिष्ठ उपप्रधान राजेन्द्र सिंह भाटी, उपप्रधान फिल्पिस,संगठन सचिव धरनीधर, कार्यकारिणी सदस्य प्रकाश, हरीरराम, नरेन्द्र श्रीवास्तव, विनय पंवार, सुभम दत्त, संदीप शर्मा, हरिमोहन, सोहनपाल, कर्मी नेता यू.एम. खान, धन सिंह अ़त्री, दशरथ रेढ़ू, शाहाबीर खान, धीर सिंह  और अभिभावक एकता मंच के शिवकुमार जोशी एडवोकेट ने भी सम्बोधित किया।  कल रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से सैंकड़ों सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारी सत्याग्रह का समर्थन करते हुए धरना देंगे।
लाम्बा व सेठी ने कहा कि ईमानदार लोगों का हौंसला अफजाई करके ही भ्रष्टाचार का खात्मा किया जा सकता है लेकिन नगर निगम में रतन लाल रोहिल्ला जैसे कर्तव्यनिष्ठ व अधिकारी को परेशान किये हुए है।  मंत्री के पी.ए. के द्वारा गलत काम न करने पर इस अधिकारी को धमकी दी गई, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री, सम्बन्धित मंत्री और आला अधिकारियों को दी गई, लेकिन पी.ए. के विरूद्ध कार्यवाही करने की बजाए रोहिल्ला का ही तबादला यमुनानगर कर दिया गया है, जहां पर पद ही रिक्त नहीं है।  उन्होंनें कहा कि सवाल तबादला करने का नहीं है बल्कि सरकार व फरीदाबाद के कुछ राजनेता व अधिकारी चाहते हैं कि सरकार की नीतियों व कानूनी के अनुसार काम करने वाला रोहिल्ला जैसा अधिकारी नगर निगम में न रहें।  उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मुहिम को समर्थन मिल रहा है।  सैंकड़ों की संख्या में बुद्धिजीवी आंदोलन से जुड़ रहे हैं, कारवां बढ़ता जा रहा है - यह सब फरीदाबाद में एक बड़े जनआंदोलन की ओर संकेत है, अतः सरकार को समय रहते इसका नोटिस लेना चाहिये।  घोटालों की जांच बिठा देनी चाहिये और न केवल रोहिल्ला के विरूद्ध की गई उत्पीड़न की कार्यवाही को खत्म करना चाहिये बल्कि ऐसे ईमानदार अधिकारियों को सुरक्षा व संरक्षण भी देना चाहिये। 

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