Thursday, April 13, 2017

ग्रेटर फरीदाबाद में गोल्डी का आतंक, पुलिस खामोश, खट्टर परिवार दहशत में, बेकार हरियाणा से करेंगे पलायन

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फरीदाबाद(abtaknews.com ) बिल्डरों की मनमानी ग्रेटर फरीदाबाद में आए दिन सुनने व देखने को मिलती रहती है, लेकिन एसपीआर बिल्डर ने अपनी ही सोसायटी इमपीरियल स्टेट के निवासी पारस मदान को उसके घर में घुसकर उस समय पिटवा दिया, जब वे अपने परिवार के साथ थे। पारस मदान को गंभीर चौट के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  बिल्डर की गुंडागर्दी और असुरक्षा की भावना देखते हुए ग्रेटर फरीदाबाद में रहने वाले निवासियों ने पुलिस कमीशनर से मुलाकात करके आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाही करने और उन्हे सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। जिसपर पुलिस कमीशनर ने उन्हे जल्द कार्रवाही करने का आश्वासन दिया। 


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सेक्टर 21 स्थित पुलिस कमीशनर कार्यालय पंहुचे पीड़ित परिवार ग्रेटर फरीदाबाद में रहने वाले है, जिन्हे बिल्डरों ने सपनों का घर देने से पहले बड़े-बड़े सपने दिखाये थे। लाखों-करोड़ो खर्च करके जब ये लोग अपने आशियानों में पंहुचे तो उन्हे यह जानकार बहुत दुख हुआ कि उन्हे घर देते समय जो वायदे किए गए थे, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है। उपर बिल्उर कभी मेंटीनेंशन तो कभी विस्तार के नाम पर पैसे बढ़ा दिए जाते है। सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। ऐसा कुछ एसपीआर बिल्डर की इमपीरियल इस्टेट में रहने वाले लोगों के साथ भी हुआ। बिल्डर ने न केवल इन्हे अपने बाऊंसरों से डराने-धमकाने का कार्य किया, बल्कि कई बार उनपर हमले भी करायें। हद तो उस समय हो गई्र जब गोल्डी सलूजा नामक बिल्डर ने अपने गुंडे भेजकर पारस मदान की उस समय जोरदार पिटाई करा दी्र जब वे घर पर ही थे। 

श्रीमति मदान, रेनू पीड़ितों का आरोप बेकार है हरियाणा के फरीदाबाद के पुलिस कमीशनर और यहाँ के अन्य पुलिस अधिकारी बिल्डर की दया और डर के साये में जीने को मजबूर है। ग्रेटर फरीदाबाद रेजीडेंट वेलफेयर एसोसियेशन के प्रधान प्रमोद मनोचा ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि सुविधाओं की आवाज उठाने पर उन्हे डराया-धमकाया जाता है और कई बार हमले भी हो चुके है।  उनकी मांग है कि पारस मदान के हमलावरों को जल्द गिरफतार करके उन्हे सुरक्षा दिलाई जाएं और बिल्डरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाएं। 



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1 comment:

  1. The news printed is not completely correct. Please check the facts & then print the news. The family name is Madan family not Khatta family. Mr. Paras Madan was not beaten in his house but beated while going to work at around 9:00am.

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