Tuesday, April 11, 2017

हमारे संस्थानों में ऊंचा रैंक प्राप्‍त करने के सभी आवश्‍यक गुण हैं;- प्रणब मुखर्जी


नई दिल्ली (abtaknews.com)राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने एनआईएआरएफ रैंकिंग 2017 में शीर्ष स्थाइन प्राप्त करने वाले संस्थानों को राष्ट्रणपति भवन में आयोजित एक शानदार समारोह में पुरस्काकर प्रदान किए। एनआईएआरएफ रैंकिंग का अर्थ है समग्र श्रेणियों में शीर्ष 10 में रहना तथा संकाय वार श्रेणियों- इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विश्वविद्यालय, कॉलेज और फार्मेसी में टॉपर्स रहना। इस अवसर पर श्री मुखर्जी ने कहा कि उच्चण शिक्षा के क्षेत्र में पिछले दो दशकों के दौरान भारी विस्ता र देखा गया है। विश्वरविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों, आईआईटी, एनआईटी की संख्या् बढ़ी है, लेकिन कुछ मुद्दों का अभी भी समाधान बाकी है। पहला मुद्दा गुणवत्तायुक्तस अध्या्पकों की उपलब्धरता का अभाव था। दूसरा हमारे देश की प्रतिभाओं को देश में ही बनाए रखने की समस्यारओं से संबंधित था। प्रतिभाशाली छात्र हर साल विदेश चले जाते हैं, क्योंाकि उनका मानना है कि विदेशों में सुविधाएं वातावरण और अवसर यहां से बेहतर हैं। प्राचीनकाल में स्थिाति इसके विपरीत थी, जब हमारे विश्वसविद्यालय पूरी दुनिया के छात्रों और अध्या पकों को आकर्षित करते थे।

श्री मुखर्जी ने कहा कि उन्हेंथ यह देखकर यह बड़ी खुशी हुई है कि पिछले दो वर्षों के दौरान दो भारतीय संस्थाननों ने अंतर्राष्ट्री य रैंकिंग के शीर्ष 200 रैंक में स्थांन पाया है। उन्होंीने विश्वालस व्यतक्त‍ किया कि हमारे संस्थाकनों में ऊंचे स्था न प्राप्तद करने की सभी आवश्यकक गुण मौजूद हैं। राष्ट्री य संस्थायगत रैंकिंग फ्रेमवर्क एनआईआरएफ मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुरू किया था। श्री प्रणब मुखर्जी ने भारतीय रैंकिंग 2017 की रिपोर्ट भी जारी की।

अपने प्रमुख संशोधन में मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राष्ट्रीोय संस्थारगत रैंकिंग फ्रेमवर्क एक शानदार सफलता बन गया है और प्रिंट, इलेक्ट्रॉ निक और सोशल मीडिया, टीवी चैनल, रेडियो और समाचार पत्र सहित पूरा देश इसके बारे में चर्चा कर रहा है। उन्होंरने कहा कि यह एक सही भावना है, क्यों कि यह गुणवत्ता सुधारने का सही प्रयास है।

श्री जावड़ेकर ने हाल में गोवा विश्वैविद्यालय के कुलपति के साथ बैठक का उदाहरण देते हुए कहा गोवा विश्ववविद्यालय में प्रशासन द्वारा एनआईआरएफ रैंकिंग में विश्वबविद्यालय के स्थाेन की समीक्षा करने के लिए समिति नियुक्तस करने का निर्देश दिया गया। मानव विकास संसाधन मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता में सुधार करने, समग्र गुणवत्ता सूचकांक में तथा उच्चस शिक्षा में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्य कता है। उन्हों्ने नये मानक तय करने और नई सेवाएं और सुवधाएं देने के लिए संस्थादनों के प्रमुखों से सुझाव मांगा। उन्हों ने बताया कि अगले दो महीने में प्राप्त सभी सुझावों का मूल्यां कन किया जायेगा ताकि ऐसी रैटिंग प्रणाली विकसित हो जो दशक तक सुदृढ़ रैंकिंग रूपरेखा के रूप में बनी रहें। उन्हों ने आशा व्यटक्ती की कि संशोधित रूपरेखा को पूरी दुनिया में स्वीूकार किया जायेगा।

इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्यन मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय, राष्ट्रअपति की सचिव श्रीमती ओमिता पॉल और उच्चक शिक्षा सचिव श्री केवल कुमार शर्मा उपस्थित थे। 

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