Monday, April 10, 2017

प्राथमिक सहायता का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर


फरीदाबाद, 10 अप्रैल,2017(abtaknews.com ) उपायुक्त समीरपाल सरों के आदेशानुसार, बीबी कथुरिया सचिव रेडक्रास के दिशा निर्देशानुसार, डा. के के गुप्ता प्राचार्य व वाईआरसी जिला कोओर्डिनेटर के नेतृत्व मे मास्टर ट्रेनर डा. एमपी सिंह के द्वारा प्राथमिक सहायता का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर अग्रवाल महाविधालय मे लगाया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में अग्रवाल कॉलेज की तीनो यूनिटो से वाईआरसी के 10-10 स्वयंसेवक लिए गये थे। जिन्होने सात दिनो मे घायल, चोटिल, पीडित व आहत व्यक्तियों को प्राथमिक सहायता देना, शरीर से बाहर निकल रहे खून को रोकना, आन्तरिक रक्तस्त्राव का पता लगाना, बेहोशी का उपचार करना, हड्डी टूट व मोच का उपचार, जहरीली गैस फैलने की स्थिति मे जान को बचाकर निकलने के तरीके, आग से बचाव के तरीके व आग बुझाने के तरीके, बिजली के पकड लेने व झटका लग जाने की स्थिति के उपचार, डब्ल्यू एच ओ की नयी पॉलिसी के तहत सांप के काटने, बिच्छू, मधुमक्खी व कुत्ते के काटने की प्राथमिक सहायता, पट्टियों के प्रकार व पट्टी बांधने के तरीके, बनावटी स्वास प्रक्रिया प्रदान करने के तरीके, पानी मे डूबने के बाद बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता देकर अस्पताल के सभी तरीको से अवगत कराया गया। बीच मे वल्र्ड हेल्थ डे को भी कुछ नये तरीके से मनाया गया, उस दिन सभी विधार्थियों को मास्टर ट्रेनर डा. एमपी सिंह ने अनीमिया भगाओ की विधि बतायी और प्रकृति के साथ जुडकर रहने के लिये कहा। प्रकृति वायुमंडल व भौतिक स्थिति के अनुसार वही चीज प्रदान करती है जो वहां पैदा हो सकती हैं। लेकिन हम अपने क्षेत्रो में पैदा होने वाले उन फल व सब्जियों को नही खातें है। बल्कि अन्य प्रदेशों मे पैदा होने वाले मंहगे व कैमिकल से पकाये जाने वाले फल व सब्जियों को खाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते है।

उस दिन मास्टर ट्रेनर डा. एमपी सिंह बताया कि फ्रीज की रखी वस्तुओं का सेवन नही करना चाहिए और सुर्यास्त के बाद कुछ नही खाना चाहिए। सूर्योदय के समय ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। तभी आप मानसिक रूप से निरोगी रह सकते हो। डा. एमपी सिंह ने कहा कि सभ्य समाज के हर नागरिक को प्राथमिक सहायता आनी चाहिए ताकि जरूरतमंद को दुर्घटना के समय तुरन्त मदद मिल सके, क्योंकि अनेको बार प्राथमिक सहायता न मिलने की वजह से रोगी दम तोड जाता है। कैम्प के दौरान जयपाल, डा. उषा चौधरी, डा. राठी का भी विशेष सहयोग रहा। अंतिम दिन समापन के समय डा. कुसुम, प्राचार्या राजकीय महिला महाविधालय, डा. दिनेश कुमारी, डीएवी कॉलेज, डा. विजयवंती, डा. सुप्रिया, तिगांव कॉलेज के अलावा सभी कॉलेजो के प्राचार्य व वाईआरसी कांउसलर भी उपस्थित थे।


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