Wednesday, April 19, 2017

विकरण शत्रु नहीं मित्र है। परमाणु ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा,सिरसा में जागरूकता कार्यक्रम


सिरसा, 18, अप्रैल,2017(abtaknews.com)ऊर्जा (बिजली) आज की जरूरत है, बगैर इसके हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकतें है। वर्तमान में विश्व के तमाम देशों की की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने और देश की तरक्की में ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान दिया है। परन्तु आज हमारे देश में बढ़ती संख्या और शहरीकरण के चलते बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी आपूर्ति आज चुनाव मुद्दा तक बन गई है।भविष्य में बिजली (ऊर्जा) का नया विकल्प क्या हो सकता है- एक दिवसीय जन जागरूकता कार्यक्रम सिरसा स्थित सीएमके नेशनल गल्र्स काॅलेज, में (भारत सरकार का उपक्रम) न्यूक्लियर पावर कार्पोरेशन आॅफ इण्डिया व आईडियास फस्ट द्वारा आयोजित किया गया। 

कार्यक्रम में काॅलेज के छात्र-छात्राओं में विकरण (रेडिएशन) के भय को दूर करने का प्रयास किया गया। साथ ही काॅलेज को एक था बुधिया (कहानी खुशहाल गांव की) काॅमिक निःशुल्क प्रदान की। जबकि कहानी बुधिया की कार्टून फिल्म के शो का आयोजन जुलाई माह में किया जाएगा।संदीप पाल ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी देश में 20-25 प्रतिशत लोगों को अपना जीवन अन्धकार में व्यतीत करना पड़ा रहा है। जिस कारण उक्त क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा सेवा बदहाल है, उद्योग-धंधे प्रभावित हंै, लोग आर्थिक रूप से पिछडे़ हुये हंै। आज केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए देश की जनता को 24 धंटे सस्ती बिजली उपलब्ध कराना चुनौती बन गया हैं। 
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक श्रोतों से ऊर्जा की आपूर्ति सम्भव नहीं है। देश में कोयले और गैस के भंडार सीमित हैं तथा जीवाश्म ईंधन प्रचलित बिजलीघरों से उत्पन्न होने वाली ग्रीन हाउस गैसों के प्रति विश्व की बढ़ती चिन्ताओं के कारण आने वाले समय में परमाणु ऊर्जा को प्रोत्साहित करना तथा प्रयोग में लाना अति आवश्यक है। आज देश में कुछ संगठन द्वारा जनता में रेडिएशन का भय दिखाकर उनके मान परमाणु संयंत्र कों लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। जबकि आज रेडिएशन का इस्तेमाल एक्सरे व कैंसर की बीमारी समेत अन्य बीमारियों से लड़ने में किया जा रहा है। ऐसे संगठन व लोग देश के विकास की राह में बाधा हैं। हम कह सकते है कि विकरण शत्रु नहीं मित्र है। 

एनपीसीआईएल के संदीप ने कहा कि आज फ्रांस, रूस, चाईना, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका समेत विश्व के 31 देशों ने परमाणु ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल कर खूब तरक्की की है। ऐसे में हम और हमारा देश पीछे क्यो रहे।रेडियशन से डरने की जरूरत नहीं है, आज बीमारियों से लड़ने में, सूई को संक्रमण से बचाने, फलों को सड़ने व अन्य चीजों में रेडिएशन का इस्तेमाल होता है। जो हमारे हित में है। इसलिए हम कह सकते हैं। विकरण दुश्मन नहीं दोस्त है।इससे पूर्व कार्यक्रम संचालन राजनीतिक शास्त्र के विभागाध्यक्ष राजवीर सिंह ने किया। 

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