Saturday, April 15, 2017

बल्लभगढ़ का नाम बलरामगढ़ रखे जाने पर नाहर सिंह सोसायटी ने जताया सरकार का आभार


फरीदाबाद 15 अप्रैल,2017(abtaknews.com ) प्रदेश सरकार की ओर से बल्लभगढ़ शहर का नाम बदलकर बलरामगढ़ किए जाने के प्रस्ताव पर शनिवार को शहीद राजा नाहर सिंह सोसाइटी ने एक कार्यक्रम का आयोजन कर राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया वहीं एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। शहीद राजा नाहर सिंह सोसाइटी के महासचिव राजा राजकुमार तेवतिया ने कहा कि बल्लभगढ़ शहर का नाम पूर्व में बलरामगढ़ ही था। जिसे बदलकर बल्लभगढ़ किया गया था। बल्लभगढ़ शहर सन 1606 में राजा बलराम सिंह उर्फ बल्लू़ के नाम पर बसाया गया था। राजा बलराम सिंह रियायत के अंतिम शासक राजा नाहर सिंह की सातवीं पीढ़ी के पूर्वज थे। बल्लभगढ़ शहर का असली नाम बलरामगढ़ ही था। जिसके लिए शहीद राजा नाहर सिंह सोसाइटी की ओर से 12 जून 2015 को प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजकर बल्लभगढ़ शहर का नाम बदलकर बलरामगढ़ किए जाने की मांग की थी। क्षेत्र के विधायक मूलचंद शर्मा के अनुसार प्रदेश सरकार ने शहर का नाम बदलने पर सहमति जता दी है।  राजा नाहर सिंह के वंशज राजकुमार तेवतिया ने अपने संबोधन में राज्य सरकार के इस निर्णय को शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया और सरकार से मांग की कि बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह महल में से चल रहे मयखाने को भी जल्द हटाया जाए और उसमें राजा नाहर सिंह के नाम से म्यूजियम बनाया जाए, जिससे युवा पीढ़ी को शहीदों के इतिहास के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल हो सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक आनंद कौशिक, राजा नाहर सिंह सोसाइटी के प्रधान सोहनलाल सैनी, कार्यकारी प्रधान प्रदीप जैलदार, विकास चौधरी, राकेश भड़ाना, सुनील तेवतिया, बलजीत कौशिक, जयसिंह ठाकुर, अनिल तेवतिया, शंकर नागर, महेंद्र सांगवान, हुकम सिंह चंदीला, रवि कपासिया, रणवीर डुल, मास्टर भीम सिंह, सचिन शर्मा, कुलवीर तेवतिया, राजवीर तेवतिया, देवी सिंह तेवतिया, प्रवीन तेवतिया, गौरव तेवतिया, सुशांत शर्मा, मुकुल, बिंदल नागर, रतनलाल राणा, राजेंद्र ङ्क्षसह भाटी, ओमप्रकाश शर्मा, वेदपाल दायमा, भोला प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे। 

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