Saturday, April 15, 2017

न्यायिक सुधार संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा



फरीदाबाद 15 अप्रैल,2017(abtaknews.com)न्यायिक सुधार संघर्ष समिति ने मानव रचना यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपक मिश्रा के आगमन से पूर्व प्रबंधन कमेटी के सदस्य राकेश भसीन को अपना ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में न्यायपालिका में सुधार को लेकर जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इस अवसर पर श्री भसीन ने विश्वास दिलाया कि वे फरीदाबाद के वकीलों की आवाज इस ज्ञापन के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तक जरूर पहुंचाएंगे। उनके इस सहयोग से उत्साहित न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट एल.एन. पाराशर ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन के सहयोगात्मक रवैये के चलते देश भर के वकीलों की आवाज इस ज्ञापन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपक मिश्रा तक जरूर पहुंचेगी।
इस ज्ञापन में मांग की गई है कि न्यायपालिका में सुधार के लिए एवं भ्रष्टाचार मिटाने के लिए तुरंत प्रभाव से कदम उठाए जाएं। नये जजों की नियुक्तियां एक माह में की जाएं। जिससे जजों की कमी से जूझ रही न्यायपालिका राहत की सांस ले सकें। इसके अलावा न्यायालयों में न्याय के लिए तारीख पर तारीख ले रहे लोगों को भी राहत मिल सके। एक निश्चित समय सीमा के अंदर मुकदमों को निपटाया जाए। ईमानदार जजों को प्रमोशन दी जाए एवं भ्रष्ट जजों की जांच के लिए आयोग बनाया जाए। इसके अलावा जो जज आयोग की जांच में दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के प्रावधान किए जाएं।
श्री पाराशर ने यह भी कहा कि न्यायपालिका में यौन उत्पीडऩ की घटनाएं समाज के ऊपर बहुत बड़ा धब्बा हैं। इस तरह के मामलों में तुरंत मुकदमा दर्ज करके चरित्रहीन जजों के खिलाफ एक माह में जांच पूर्ण करके उन्हें बर्खास्त करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। फरीदाबाद के एक जज पर भी रेवाड़ी में कार्यरत रहने के दौरान यौन उत्पीडऩ के आरोप लगे लेकिन हाईकोर्ट के जजों के दबाव में उस मामले को दबा दिया गया। इसके अलावा फरीदाबाद कोर्ट के एक जज के खिलाफ एक महिला ने बलात्कार की शिकायत पुलिस कमिश्नर को भेजी जिसमें आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया जो कि काफी शर्मनाक है। ऐसे पुराने मामलों को भी उजागर किया जाए और निष्पक्ष जांच की जाए। इसके अलावा युवा वकीलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेक्टिस के दौरान 10 हजार रुपए प्रति माह सम्मान भत्ते का प्रावधान किया जाए। न्यायालयों में कार्यरत सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को शोषण बंद किया जाए। इन्हीं सब मांगों को लेकर आज कॉलेज प्रबंधन कमेटी के सदस्य राकेश भसीन को सुप्रीम कोर्ट के जज दीपक मिश्रा के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

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