Tuesday, April 18, 2017

मंत्रिमण्डल की बैठक में पुलिस विभाग में विभिन्न पदों में भर्ती एवं पदोन्नति में किये गए संशोधन



चंडीगढ़17 अप्रैल,2017(abtaknews.com) हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राम निवास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में पुलिस भर्ती के बारे में महत्वपूर्ण फैसले लिए गये हैं। पुलिस विभाग में विभिन्न पदों जैसे कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल, एएसआई, एसआई, इंस्पैक्टर के पदों पर सीधी भर्ती और प्रमोशन से होने वाली भर्ती की प्रतिशतता में मुख्य परिवर्तन किया गया है।
 श्री राम निवास ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब संशोधित नियमों के अनुसार इस्पैक्टर के स्तर पर भर्ती पूरी तरह से प्रमोशन के आधार पर होगी। इससे पूर्व इस पद पर 20 प्रतिशत सीधी भर्ती के माध्यम से तथा बाकी प्रमोशन के आधार पर भर्ती होती थी। इस प्रकार, इंस्पैक्टर के पद की भर्ती शतप्रतिशत प्रमोशन के आधार पर की गई है, क्योंकि पुलिस विभाग में प्रमोशन के अवसर न होने के कारण कर्मचारियों में तनाव रहता था। अब इन नियमों में संशोधन होने से कर्मचारियों को प्रमोशन के बेहतर अवसर मिलेंगे।
 उन्होंने बताया कि जहां तक एसआई का सम्बन्ध है, इस पद पर 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से और 50 प्रतिशत प्रमोशन से भर्ती का प्रावधान रखा गया है। यह प्रावधान पहले भी था। इसी प्रकार, एएसआई के स्तर पर शतप्रतिशत प्रमोशन का प्रावधान किया गया है और यह प्रावधान पहले भी था। श्री राम निवास ने कहा कि हैड कान्स्टेबल के पद पर प्रमोशन के जरिये भर्ती होगी, जबकि कांस्टेबल के पद पर सीधी भर्ती होगी।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पहले फिजिकल टैस्ट में मारामारी रहती थी। आवेदक फिजिकल प्रफोर्मेंस बढ़ाने के लिए ड्रग लेते थे, इससे कुरुक्षेत्र में कई घटनाएं भी हुई और चार-पांच बच्चों के साथ तो ओवर डोज की वजह से हादसे भी हुए। उन्होंने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है कि फिजिकल टैस्ट बाद में होगा, पहले 12वीं स्तर की 80 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। जो उम्मीदवार परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे, उन्हीं का फिजिकल फिटनेस टैस्ट होगा। 
    श्री राम निवास ने बताया कि उम्मीदवारों की पहले पांच किलोमीटर की दौड़ होती थी, जिसे 25 मिनट मेें कवर करना होता था। अब यह दौड़ अढाई किलोमीटर की होगी और 12 मिनट में कवर करनी होगी। इसी प्रकार, महिलाओं के लिए पहले अढाई किलोमीटर की दौड़ होती थी, अब यह दौड़ एक किलोमीटर की होगी और जिसे 6 मिनट में पूरा करना होगा। इसके अतिरिक्त भूतपूर्व सैनिकों को एक किलोमीटर की दौड़ 5 मिनट में पूरी करनी होगी।
    उन्होंने कहा कि इस प्रकार से फिजिकल पैरामीटर बदलकर इन्हें ऐसा बनाया गया है जिससे उम्मीदवार की वास्तविक फिजिकल फिटनेस का टैस्ट लिया जा सके। फिजिकल फिटनेस के मार्कस नहीं गिने जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो उम्मीदवार फिजिकल टैस्ट पास करेगा उसे ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा और यह साक्षात्कार 12 नम्बर का होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान के प्रश्र पूछे जाएंगे।
    उन्होंने बताया कि अतिरिक्त योग्यता जैसे ग्रेजुएशन डिग्री, पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री, एनसीसी सर्टिफिकेट, हरियाणा कैडिट कोर सर्टिफिकेट के लिए अतिरिक्त नम्बर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी किया गया है।  इसके टैस्ट संघ लोक सेवा आयोग के टैस्ट की तरह होंगे, कम्प्यूटराइजड ओएमआर शीट होगी, जिस पर उम्मीदवार को अंगूठा निशान देना होगा। उन्होंने बताया कि आगे-पीछे बैठने वाले उम्मीदवार का प्रश्रपत्र अलग होगा, लेकिन प्रश्र वही होंगे। उन्होंने बताया कि इन प्रश्रों को आपस में इस तरह से जम्बल किया जाएगा कि पीछे बैठा उम्मीदवार आगे वाले की या साइड वाले उम्मीदवार की नकल न कर सके। यह व्यवस्था भी इसमें की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहती है ताकि गांवों के नौजवान बिना सिफारिश के पुलिस में भर्ती हो सकें।
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चण्डीगढ, 18 अप्रैल-हरियाणा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधानसचिव डॉ राकेश गुप्ता ने आज सीएम विंडों पर आने वाली शिकायतों के निपटान में लापरवाही बरतने वाले विकास एवं पंचायत विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के  7 अधिकारियों/ कर्मचारियों को निलम्बित करने के आदेश दिये। इसके अलावा, उन्होंने  8 अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूध चार्जशीट करने, दो अधिकारियों/ कर्मचारियों का स्पष्टïीकरण मांगने , 3 कर्मचारियों के  विरूध अनुशासनात्मक कारवाई करने एवं एक अनुबंध आधार पर कार्य करने वाले कर्मचारी को नौकरी से निकालनेे के आदेश भी जारी किये। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सी एम विंडों पर अधिकारियों व कर्मचारियों को तंग करने की नीयत से शिकायतें करने का कथित धंधा चला रखा है उन ‘ब्लैकमेलर’ टाईप के लोगों का पता चलने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कारवाई की जायेगी। 
निलंबित किये जाने वाले अधिकारियों में चिकित्सा विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जगाधरी डॉ राजेन्द्र प्रसाद शामिल हैं जिन पर  मुखी स्कूल आफ नर्सिंग, गोहाना, सोनीपत के बारे में सरकार को  भ्रामक रिर्पाेट देने का आरोप है। इसके अलावा, विकास एवं पंचायत विभाग के रोहतक जिले के मदीना जींदराण के  जेई राजेश हुड्डा, ग्रामसचिव सुमन को सरकारी पैसे के दुरूपयोग के मामले में निलंबित करने व एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिये। इसके अलावा, जेई महेश कुमार, ग्रामसचिव भगत सिंह, सुनील कुमार व धर्मबीर को कार्य में ढील बरतने के एवज में निलंबित करने व व एफआईआर दर्ज करवाने के  आदेश दिये।
डॉ गुप्ता ने बैठक में हरियाण कृषि विपणन बोर्ड के  3 मार्किट सचिव चंदर प्रकाश, परमजीत सिंह तथा बलराज सिंह (रिटायर्ड)को  चार्जशीट किया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक प्लाट की नीलामी प्रक्रिया में अनियमितता एवं लापरवाही बरती है। इसके अलावा , सहायक नानू, महिला एवं बाल विकास की परियोजना अधिकारी शशि एवं मंजु वर्मा व बाल विकास की परियोजना अधिकारी, रिटायर्ड संतोष को पी ओ एल से भुगतान ,बिना अर्जित अवकाश की स्वीकृत करवाये वेतन ड्रा करने एवं सरकारी वाहन का दुरूपयोग  के आरोप में चार्जशीट करने के आदेश दिये।
डॉ गुप्ता ने सांपला, जिला झज्जर के विकास एवं पंचायत विभाग के   अनुबंध आधार पर कार्य करने वाले एबीपीओ राकेश कुमार को नौकरी से निकालनेे के आदेश भी जारी किये। उन्होंने यमुनानगर जिले के बिजली विभाग के रिटायर्ड सहायक फोरमैन अ के खिलाफ रूल 7 के अंतर्गत चार्जशीट दायर करने के आदेश दिये। इस अवसर पर उन्होंने डीडीपीओ रेवाडी कार्य में डील बरतने व आबाकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त आबाकारी एवं कराधान अधिकारी, अनिल राव को समाचार पत्रों में विज्ञापन दिये जाने की एवज में अब तक भुगतान न किये जाने पर स्पष्टïीकरण जल्द दिये जाने के आदेश दिये। इसके अलावा आंगनवाडी वर्कर श्रीमती प्रभा ,सावित्री एवं बबीता के विरूध अनुशासनात्मक कारवाई करने के आदेश दिये। 
सीएम विंडो से संबधित आज यहां आयोजित बैठक में डॉ राकेश गुप्ता ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि वर्ष 2014 से लेकर 2016 तक के सभी मामलों का जल्द से जल्द निपटान किया जाये या फिर मामलों के निपटान न किये जाने के ठोस कारण बताये जायें अन्यथा नोडल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी। उन्होने कहा कि सी एम विंडों की वैबसाइट पर ‘सैटीसफैकशन’ का कालम नया डाला गया है जहां याचिकाकर्ता की संतुष्टिï को बुलाकर भरा जायेगा इसके अलावा सभी जिलों में विधानसभा स्तर तक के 10 लोगों को नामित किया जायेगा जो  तथ्यों की प्रमाणिकता देंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी श्री भूपेश्वर दयाल ने कहा कि सीएम विंडो पर आने वाले सभी मामलों पर कार्यवाही की जाये इसके अलावा जो मामले सीएम विंडो पर नहीं आते उन पर भी उचित कार्यवाही कर निपटान किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि लोगों का सिस्टम पर पर विश्वास बडा है और हमें लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए।

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