Saturday, April 15, 2017

एकांत को अपना दोस्त बनाने की जरूरत नहीं, यू आर नोट अलोन - न्यायाधीश दीपक मिश्रा


फरीदाबाद (abtaknews.com)  मानव रचना इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ नागरिकों के वैलफेयर विषय पर हरियाणा स्टेट लीगल सर्विस एथॉरिटी के द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में वरिष्ठ नागरिक व अलग-अलग एनजीओ के सदस्य शामिल हुए। सेमिनार का विषय वरिष्ठ नागरिकों के साथ हो रहे गलत व्यवहार व उनके प्रति अनदेखी का व्यवहार व इन सभी के लिएबनाए गए कानूनों के बारे में अवगत कराना था। इस सेमिनार में मुख्यअतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के माननीय न्यायाधीश व नैशनल लीगल सर्विसिज एथॅरिटी (नालसा) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन माननीय दीपक मिश्रा मौजूद रहे। जिन्होंने कहा कि नालसा (लीगल सर्विसिज टू सीनियर सिटिजन स्कीम 2016) वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर देने के लिए काम करता है। माननीय न्यायधीश ने वरिष्ठ नागरिकों को जीने का मूलमंत्र देेते हुए कहा कि एंकात को अपना दोस्त न बनाए। इस सेमिनार में हाई कोर्ट आफ पंजाब व हरियाणा के जज व हालसा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन माननीय न्यायाधीश श्री अजय कुमार मित्तल, डिपार्टमेंट आफ सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट के डिप्टी सैक्रेटरी श्री टी.पी.मधुकुमार, डिपार्टमेंट आफ सोशियोलॉजी, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राजेश गिल भी मौजूद थे।
 यू आर नोट अलोन आप अकेले नहीं है,, कैंपेन का लान्च हरियाणा के 21 जिलों की लीगल सर्विसिज एथॅरिटी लागू करेंगी और अगले 10 दिन तक पूरे हरियाणा लेवल पर इसके तहत हरियाणा स्टेट लीगल सर्विसिज एथॉरिटी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों के वैलफेयर के लिए काम किया जाएगा। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को वैलफेयर लॉ स्कीम के प्रति जागरुक किया जाएगा और 50 से ज्यादा कैंप का आयोजन इसके तहत आयोजित किए जाएंगे। 


सेमिनार में सभी को संबोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश श्री दीपक मिश्रा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को हर अनुचित बर्ताव के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, क्योंकि चुप्पी इसका सही जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि बेहतर मेडिकल साइंस की मदद से वरिष्ठ नागरिकों की संख्या बढ़ी है और उनको पूरा अधिकार है कि वह पूरे सम्मान के साथ एक बेहतर जीवन यापन कर सके और समाज व लीगल सिस्टम को इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि वह जीवन के हर पड़ाव में इनकी मदद करें। वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित माहौल में इज्जत से जीने का अधिकार होना चाहिए और किसी भी तरह के मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में इन्हें सहन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इनकी मदद के लिए नालसा, डिस्ट्रिक्ट लीगल एथारिटी व पारा वॉलेंटियर हमेशा मौजूद हैं।

इस मौके पर हाई कोर्ट आफ पंजाब व हरियाणा के जज व हालसा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन माननीय न्यायाधीश श्री अजय कुमार मित्तल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के वैलफेयर को लेकर जिस तरह की सोच व दृष्टिकोण पनप रहा है, उसी को देखते हुए यह सेमिनार आज की जरूरत बन गया है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि जिस तरह से नालसा काम कर रही है उसी तरह से हम भी इस चीज का ध्यान रखे कि देश के विकास में वरिष्ठ नागरिक भी अग्रणी भूमिका निभाए और इस समाज में जिस तरह के स्थान का वह अधिकार रखते हैं, वह उन्हें मिल पाए। हम सभी की यहीं कोशिश है कि वरिष्ठ नागरियों को उनके अधिकार मिल सके। माननीय न्यायाधीश दीपक मिश्रा, व नैशनल लीगल सर्विसिज एथॅरिटी (नालसा) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन।वहीं सेमिनार में हिस्सा लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों की माने तो उन्हें वरिष्ठ नागरिकों के लिये आयोजित किये गये सेमिनार में भाग लेकर बहुत बच्छा लगा है, माननीय मिश्रा जी ने उन्हें जीने का नया मूलमंत्र भी दिया है जिससे उन्हें बहुत खुशी है।

इस मौके पर जिला उपायुक्त समीर पाल सरो, फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त आईपीएस डॊ. हनीफ कुरैशी, बल्लभगढ़ के एसडीएम श्री अमरदीप जैन, मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (एमआरईआई) के प्रेसिडेंट डॊ. प्रशांत भल्ला, एमआरईआई के वाइस प्रेसिडेंट डॊ. अमित भल्ला, डिपार्टमेंट आफ सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट के डिप्टी सैक्रेटरी श्री टी.पी.मधुकुमार, डिपार्टमेंट आफ सोशियोलॊजी, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राजेश गिल, नई दिल्ली डॊ. राम मनोहल लोहिया व पीजीआईएमईआर के डिपार्टमेंट आफ साइकेट्री से साइकेटरिस्ट डा. मीना चंद्रा, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसिज एथॊरिटी पानीपत के चीफ ज्यूडिश्यिल मैजिस्ट्रेट कम सैक्रेटरी श्री मोहित अग्रवाल, दिल्ली यूनिवर्सिटी के ला डिपार्टमेंट के एसिस्टैंट प्रोफेसर श्री अभय प्रताप सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।


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