Friday, April 7, 2017

तीन दिन से अनाज मंडी में ही पडे हैं किसान, नहीं मिल रही है कोई भी सुविधाा


फरीदाबाद 7 अप्रैल,2017(abtaknews.com)देश के पालनहार किसानों के लिये सरकार चाहे लाख दावे कर ले मगर सरकार के अधिकारी उन दावों को पलीता लगाने से बाज नहीं आते, अधिकारियों की लापरवाही किसानों पर कितनी भारी पड रही है इसका पता तो उस वक्त लगा जब फरीदाबाद के गांव फतेहपुर बिल्लौच की मंडी में अपना अनाज लेकर पहुंचे किसानों का अनाज तीन दिन बीत जाने के बाद भी नहीं खरीदा गया, कच्ची जमीन पर पडे अनाज से किसान बेहद चिंतित है उन्हें डर कि कहीं सरकार द्वारा अनाज खरीदने से पहले बरसात न आ जाये क्योंकि बारिस से अनाज को बचाने के लिये न तो उपर टीनशैड है और न ही ढकने के लिये मार्किट कमेटी के पास कोई उपकरण। इतना ही नहीं मंडी में तीन दिन से पडे हुए किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा मंडी में किसानों के लिये न तो पीने के पानी की सुविधा है और न ही रात को सोने के लिये को व्यवस्था ऐसे में किसान करे तो क्या करे।
पूरे साल खेतों में खून पसीने से अपनी फसल को सींचने के बाद जब किसान मंडी में अपना अनाज लेकर पहुंचा तो क्या हुआ जरा आप भी देख लीजिये,, ये है फतेहपुर बिल्लौच की अनाज मंडी  जिसमें दर्जनों से ज्यादा गांव के किसान अपनी फसल बेचने के लिये आते है और मंडी हालात को देखकर लगता है कि उन्हें कितनी परेशानियों को सामना करना पडता होगा, मंडी परिसर में फर्स तो कहीं दूर-दूर तक नहीं है, कच्ची जमीन पर झाडियां ही झाडियां है जिनके बीच में किसान को अपने सोने जैसा अनाज डालना पडता है और उसके बाद उपरवाले से दुआ करनी पडती है कि हे प्रभु जल्द से जल्द ये अनाज बिक जाये ताकि कहीं बरसात के चलते उन्हें और नुक्सान न झेलना पडे,, आपको बता दें कि पूरी मंडी में न तो नीचे फर्स है और न ही उपर टीनशैड, अगर मौसम खराब हुआ तो बरसात से ढकने के लिये मार्किट कमेटी के पास कोई उपकरण भी नहीं हैं।  
मंडियों में गैंहू की आवक शुरू हो गई है। लेकिन सरकार और मार्किट कमेटी ने किसानों के लिए मंडियों में सुविधा के लिए कोई प्रबंध नहीं किए है। मंडियों में गंदगी का आलम है, किसानों के लिए न तो पीने का पानी है और न ही बैठने के लिए कोई स्थान। गैंहू को रखने के लिए भी शैड पर्याप्त मात्रा में नहीं है। किसान गैंहू लेकर मंडियों में तो आ रहे है, लेकिन उन्हे भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न तो उनके गैंहू उठान का कोई प्रबंध है और न ही मंडियों में स्टाक करने के लिए कोई व्यवस्था है। शैड पर्याप्त मात्रा में न होने से बदलते मौसम में गैंहू खराब होने का खतरा बना हुआ है। किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी और दूसरी सुविधाओं का अभाव है। 
वहीं मार्किट कमेटी फतेहपुर बिल्लौच के चेयरमैन नरेन्द्र का मानना है कि मंडी में किसानों के लिये कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नही है, हाल ही में नई कमेटी बनी है जल्द ही मंडी सभी प्रकार की सुविधायें दे दी जायेंगी। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।  वहीं फतेहपुर बिल्लौच के सरपंच महेन्द्र का कहना है कि वो पिछले कई  सालों से किसानों और आडतियों की समस्यायें देख रहे हैं इन समस्याओं का जिम्मेदार जिला खाद् विभाग है जिन्हें इस मंडी से न तो कोई लगाव है और नही वो कोई अपनी जिम्मेदारी समझते हैं इसलिये अनाज खरीदने के लिये मंडी में कोई समान नहीं दिया जा रहा है जिससे किसानों को मंडी में ही तीन - तीन दिन गुजारने पड रहे हैं, इससे पहले मंडी की दशा सुधारने के लिये पृथ्ला विधानसभा के विधायक टेकचंद शर्मा ने किसानों को आश्वासन दिया था कि वो मंडी की चार दिवारी करवाकर फर्स करवायेंगे मगर अभी तक उन्होंने भी अपना वायदा पूरा नहीं किया है।

loading...
SHARE THIS

0 comments: