Thursday, April 13, 2017

विमुक्त एवं घुमंतू जाति को समाज के विकास की मुख्यधारा से जोडने का प्रयास


फरीदाबाद-13 अप्रैल,2017(abtaknews.com ) प्रदेश में विमुक्त एवं घुमंतू जाति से संबंधित बच्चों के कल्याण के लिए आठ जिलों में होस्टल खोले जा रहे हैं। ताकि यहां रहकर ये बच्चे शिक्षा ग्रहण कर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकें। यह जानकारी आज सिंचाई विभाग के विश्राम गृह के सभागार में विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन डॉक्टर बलवान सिंह ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दी।
डॉक्टर बलवान सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में पहली बार घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन किया गया है। जिसमें घुमंतू जातियों से संबंधित 9 सदस्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 26 जातियां घुमंतू जाति की श्रेणी में आती हैं और विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड का उदे्श्य इन सभी जातियों का कल्याण कर इन्हें समाज के विकास की मुख्यधारा से जोडऩा है।
चेयरमैन डा बलवान के साथ इस अवसर पर मौजूद हरियाणा पिछडा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक माजरा, रमेश पाल नौहनी ने बताया कि उनकी दो सदस्यीय टीम ने कंडेरे (करन)जाति को पिछडा वर्ग में शामिल करने को लेकर आज जिले का दौरा कर इस समुदाय के लोगों की सामाजिक-आर्थिक एवं अन्य स्थिति परिस्थतियों का जायजा लिया जिसकी एक विस्तृत रिर्पोट बनाकर आगामी कार्रवाई हेतु जल्द ही सरकार को सौंप दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस जाति से संबंधित लोग मुख्यरूप से रजाई व गद्दों में रूई पिनाई व धुनाई का काम करते हैं और फरीदाबाद सहित गुडगांव व पलवल जिले में इस जाति के लोगों की संख्या अधिक है। आयोग के सदस्य रमेशपाल ने बताया कि इनकी जनसंख्या हरियाणा में 35 से 40 हजार है।



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