Sunday, April 16, 2017

सराय ख्वाजा सरकारी स्कूल में फस्ट एड का ज्ञान, रक्तदान, अंगदान व नेत्रदान अभियान


फरीदाबाद (abtaknews.com)एन.एस.एस. इकाईयों ने राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा के विद्यालय में प्राचार्य डाक्टर सुरेश सिंह की अघ्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा, रुप किशोर शर्मा, विक्रम विवेक और डाक्टर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आज प्राथमिक चिकित्सा, रक्तदान, अंगदान व नेत्रदान बारे प्रशिक्षण व जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। आज प्रातःकालीन सत्र के मुख्य अतिथि सचिव रैडक्रास       कि श्री बी बी क्थूरिया ने कहा कि प्रत्येक छात्र और प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा का विस्तृत ज्ञान आवश्यक रुप से होना ही चाहिए ताकि घर या बाहर कहीं भी किसी भी दुर्घटना, आपदा या आपातकालीन स्थिति में जरुरतमन्द व्यक्ति की जान बचाई जा सके, उन्होनें बताया कि दुर्घटना के तुरन्त बाद का समय रोगी के जीवन बचाने का सुनहरी समय होता है, जिस में प्राथमिक सहायक को बिना समय बर्वाद किए त्वरित रुप से निर्णय ले कर प्राथमिक सहायता उपलब्ध करवानी होती है। उन्होनें कहा कि दुर्धटना स्थल पर उपलब्ध सामग्री द्वारा प्राथमिक सहायता अर्थात प्राथमिक चिकित्सा जीवन बचाने सम्बन्धी व्यवहारिक तकनीक है जिस का कि सैंट जान एंबुलैंस द्वारा विश्व भर में इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है लडकों व लडकियों को प्राथमिक चिकित्सा के सुनहरे नियमों के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि आपातकाल स्थिति में धैर्य बनाए रखते हुए उपलब्ध सामग्री से कैसे रोगी को चिकित्सक की सहायता मिलने से पहले उस के बहुमूल्य जीवन की रक्षा करनी है। उन्होने छात्रों को सिर, छाती, जाघॅ, कोहनी एवम कन्धे की हडडी की चोट के उपचार तथा कैपलिन, रोलर व तिकोनी पटिटयों और रोगी को भयमुक्त करने के बारे में बताया।
     एन एस एस यूनिट के प्रोग्राम अघिकारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा मनचन्दा ने बताया कि दोपहर के सत्र में स्थानीय पाषर्द श्री जितेन्द्र यादव एवम राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद के वरिष्ठ भौतिकी प्रवक्ता व एन सी सी  अधिकारी डाक्टर बिजेन्द्र कसाना ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना ही व्यवहारिक शिक्षा है पाषर्द श्री जितेन्द्र यादव  ने कहा कि  राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड कर अपना व  राष्ट्र का विकास करने में मदद मिलती हैं तत्पश्चात एन एस एस स्वयंसेवकों को मृत्योपरान्त नेत्रदान के लिए आगे आने और मानवता व राष्ट्रीय अन्धता निवारण अभियान के प्रति अपना कर्तव्य निभा कर मृत्योपरान्त नेत्रदान की परम्परा को पारिवारिक परम्परा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होनें स्वयंसेवक छात्रों कों टोलफ्री राष्ट्रीय हैल्पलाईन नम्बर 1919 और चौबीस घन्टे सर्विस हेल्पलाइन नम्बर 28281919 व 28271616 के बारे में भी बताया। मनचन्दा ने ‘रक्तदान की जरुरत क्यों’ के बारे में बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिस की उम्र 18 वर्ष से 65 वर्ष के बीच हो, वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा हो तथा हयूमोग्लोबिन की मात्रा 12 ग्राम से अधिक हो रक्तदान कर सकता है। उन्होने बताया कि मानव रक्त का कोई विकल्प नही एकमात्र साधन स्वयं हम मानव ही है, रक्त की आवश्यकता दुर्घटनाओं या बीमारी में रक्त बदलने, बच्चे के जन्म के समय, नवजात शिशु की जटिल बीमारियों के उपचार में एवम् बच्चों की थेलेसिमिया तथा हिमोफिलिया जैसी जेनेटिक बीमारियों के उपचार व निदान के लिए निरन्तर पडती रहती है। वरिष्ठ शिक्षाविद बी के गर्ग व ब्रहम्देव यादव ने मृत्योपरान्त अंगदान के लिए आगे आने की सीख दी  और मानवता के प्रति अपना कर्तव्य निभा कर मानवीय अंगों की उपलब्घता व आपूर्ति में अन्तर समाप्त करने में सहयोग करने की अपील भी की।
    सायंकालीन सत्र में जिला कार्डिनेटर सुशील कन्वा ने दोनों इकाइयों द्वारा लगाए जा रहे शिविर का अवलोकन किया और एन एस एस के उद्देश्यों के बारे में चर्चा की। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा, रुप किशोर शर्मा व सहायक प्रभारियों विक्रम विवेक और डाक्टर कुलदीप सिंह तथा बी के गर्ग व ब्रहम्देव यादव ने सुशील कन्वा का स्वागत करते हुए उन्हें शिविर की गतिविधियों से अवगत करवाया। सुशील कन्वा ने शिविर की बेहतरीन व्यवस्था की सराहना की व स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।



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