Friday, April 7, 2017

सराय ख्वाजा सरकारी स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर बच्चों को दिया स्वास्थ्य का सन्देश



फरीदाबाद (abtaknews.com )सराय ख्वाजा स्थित राजकीय आर्दश वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई, सैंट जान एंबुलैंस बिगे्रड, रवीन्द्र नाथ टैगोर हाउस तथा जूनियर रैडक्रास प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विद्यालय में जागरुकता प्रोग्राम का आयोजन प्राचार्य डाक्टर सुरेश सिंह की अघ्यक्षता में किया। सैंट जान एंबुलैंस बिगे्रड एवमं एन एन एस अघिकारी मनचन्दा ने छात्रों को बताया कि 7 अप्रैल 1950 को पहली बार वैश्विक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन अर्थात डब्लू एच ओ द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत की गई। विश्व स्वास्थ्य दिवस का 2017 का डब्लू एच ओ द्वारा धोषित थीम अर्थात उद्देश्य है ‘‘ तनाव - आओ बात करें और तनाव समाप्त करें ’’। उन्होनें बच्चों को बताया कि विश्व में औसतन हर चैथा व्यक्ति तनाव से पीडित है तनाव सामान्यतः निरन्तर चिन्ता करने, नकारात्मक व भ्रामक विचार आने, बहुत कम बोलने, अकेले रहने, खुश न रहने, काम में मन न लगने, स्वभाव के चिडचिडे रहने, छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करने, मनः स्थिति में बदलाव होने, अत्याधिक बीमार रहने तथा भय के वातावरण में रहने के कारण होता है। तनाव होने के चिन्ह व लक्षणों में सर दर्द होना, दिल का काॅपना, बार बार लघुशंका जाना, उल्टी आने को होना, पसीना आना, थकावट महसूस होना, श्वास गति तीव्र होना तथा ब्लड प्रेशर कम व ज्यादा होना शामिल है। रविन्द्र मनचन्दा ने तनाव समाप्त करने के लिए जरुरी है कि आप नकारात्मक विचारों से छुटकारा पाएं, समस्याओं से ध्यान हटाएं, अपने आप को व्यस्त रखें,तनाव का वजह जानें, आने वाला समय या फयूचर कैसा होगा - अतिरिक्त टैंशन न लें, आज ही में जीएं । मनोवैज्ञानिक कहते है कि तनाव कम करने के लिए जोर से चीखें, तुरन्त राहत महसूस होगी।


उन्होनें कहा कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए स्वस्थ जीवन शैली, योग एवम् व्यायाम करना बहुत ही आवश्यक है। प्रतिदिन योग करने से तनाव तथा मानसिक विकारों पर भी काबू पाया जा सकता है। छात्रों के लिए स्वस्थ जीवन जीने के लिए उचित खान - पान, बेहतर है घर का बना भोजन, व्यायाम, खेल एवम् स्वस्थ जीवनचर्या का होना बहुत ही आवश्यक है। अपने आप को व्यस्त रखें और मनोरंजन व घूमने को भी जीवन का आवश्यक हिस्सा बनाएं।
 प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों को बतलाया गया कि वें घर का बना भोजन ही खाएं, भरपूर नाश्ता करें, सुबह कभी भी खाली पेट विद्यालय न आएं। खाली पेट रहने से एसिडिटी की सम्भावना बढ जाती है, जिस से तनाव होने की सम्भावना रहती है। फास्ट फूड एवम् जंक फूड की आदत न डालें।  प्राचार्य डाक्टर सुरेश सिंह ने स्वस्थ रहने के फायदे गिनाए तथा बताया कि यदि हम स्वस्थ रहेगें तभी रोगमुक्त स्वस्थ भारत का निर्माण कर पाएगें।  इस अवसर पर प्राचार्य डाक्टर सुरेश सिंह और बी के गर्ग, वरिष्ठ प्रवक्ता मनदीप कौर, जूनियर रैडक्रास प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा, सोमबीर यादव, देशराज, दान सिंह, विवेक विक्रम, कान्ता अग्रवाल, संदीप गुप्ता, बाॅके बिहारी, मनोज कुमार और प्रदीप राठी ने छात्रों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हम स्वस्थ जीवन शैली ही अपनाएं।


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