Wednesday, April 26, 2017

केंद्रीय राज्यमंत्री गुर्जर से मिले डॉक विभाग की मिलिभगत से हुए करोडों के घोटाले के पीडित

  
  
बल्लभगढ़(abtaknews.com) डॉक विभाग के कर्मचारियों और बचत ऐजेन्टों की मिलभगत से हुए करोडों के घोटाले के पीडि़त आज भी दर-दर की ठोकरे खा रहे है, उन्हे न तो आज तक न्याय मिला है और न ही उनके पैसे वापिस। इन पीडि़तों ने केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सामने उस समय न्याय की गुहार लगाई, जब वे फरीदाबाद के मुख्य डॉक घर में पास पोर्ट सेवा केन्द्र का उद्धघाटन करने आए हुए थे। डॉॅक विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामलें की जांच चल रही है और जिन लोगों का पैसा डॉक घर में जमा है, उन्हे पूरा लौटाया जायेगा। लेकिन एजेन्टों की मिलिभगत से डकारे गए अन्य पैसे को लौटाने के बारे में उन्होने पल्ला झाड लिया। उनका कहना है कि यह काम पुलिस का है। 

केन्द्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के सामने न्याय की गुहार लगाने वालों ने अपने जीवन की पूंजी डॉक विभाग की विभिन्न स्कीमों में इसलिए लगाई थी कि पैसा सुरक्षित रहेगा और काम आने पर उन्हे वापिस मिल जायेगा। डॉक घर के सामने ही सालों से मंजूरशुदा बने एजेन्टों ने उनका आधा पैसा तो डॉक घर में जमा करा दिया और आधे पैसे के फर्र्जी रसीद देकर स्वयं ही डकार गए। कई लोगों की एफडी को बचत खाते में जमा कराकर उसमें से  मिलीभगत करके पैसा निकाल लिया गया। मामलें का पर्दाफास उस समय हुआ जब लोग अपने पैसे लेने के लिए डॉक घर गए तो उन्हे पता चला कि उनका यहां कोई पैसा ही जमा नहीं है। कर्मचारियों ने पैसा लौटाने के मामलें में हाथ खड़े कर दिए। लगभग 7 करोड के इस घपले की गूंज पुलिस और डॉक विभाग के आला अधिकारियों तक पंहुची तो पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। लेकिन अरसा बीत जाने के बाद भी इन लोगों को न तो न्याय मिला और न ही पैसा वापिस। 

 पीड़ितों ने अबतक न्यूज़ पोर्टल को बताया कि उनके सेवानिवृति की पूरी राशि उन्होने एजेन्ट के माध्यम से डॉक घर में जमा कराई थी, उनका पास बुक में पैसे की एंट्री भी और हस्ताक्षर व मोहर भी है। लेकिन कर्मचारी कहते है कि उनका पैसा जमा ही नहीं है। अब वे कहां जाएं। एक ही परिवार के सात एजेन्ट और वह भी बिलकुल डाकघर के सामने धोखाधड़ी का खेल चला रहे थे, प्रशासन और डॉक विभाग चुप्प होकर देखता रहा। बल्कि कर्मचारी भी इस फ्राड में शामिल है। उनसे विभाग ने क्लेम फार्म भरवाये थे। लेकिन अभी तक उन्हे कुछ नहीं मिला है। वे अपने पूरे जीवन की कमाई गंवा चुके है। 

डॉक विभाग के आला अधिकारियों की माने तो उनके पास कुछ लोगों के लगभग डेढ से दो करोड जमा है। जिनके पैसे वापिस करने के लिए कार्रवाही चल रही है और जल्द ही सबको उनका पूरा पैसा वापिस लौटाया जायेगा। इस घोटाले में शामिल विभाग के कर्मचारियों के बारे में भी जांच जारी है। लेकिन एजेन्ट जिनका पैसा जमा करने के नाम पर हजम कर गए। उसके बारे में डाक विभाग के अधिकारी मौन है। 

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