Sunday, April 9, 2017

सकल जैन समाज ने महावीर जयंती पर निकाली अहिंसा रैली


फरीदाबाद 9 अप्रैल(abtaknews.com ) सकल जैन समाज फरीदाबाद के तत्वावधान में आयोजित श्रम भवगान महावीर के 2616वें जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर जैन स्थानक 1756के, सैक्टर 7ई फरीदाबाद से अंहिसा रैली मिलन स्विटस सेक्टर 10 से निकाली गयी। इस अवसर पर श्रमण भगवान महावीर जीवन दर्शन पर अपने महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणी जी की सुशिष्या साध्वी सुप्रभा ने प्रकाश डाला। इस अवसर पर  महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणी जी की सुशिष्या साध्वी शुभप्रभाजी के सान्निधय में तीनों सम्प्रदायों द्वारा जैन स्थानक में महावीर जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए साध्वी श्रीजी ने कहा महावीर कौन ’म‘ जो ममता के बन्धन को काटकर समता में प्रतिष्ठित हो वह महावीर है। ’हां‘ जो हास्य, रूदन के कारणों को जानकर उनका निवारण करके आनन्द में प्रतिष्ठित हो जाए वह महावीर है। ’वी‘ वीत्सा, लीत्सा, अभीत्सा तीनों के चक्रव्यूह को तोड़ दे वह महावीर है। ’र‘ जो रति-अरति के जाल को काटकर अपने मन को संयम के खूंटे से बांधे वह महावीर है। संयम की धरती पर पुरूषार्थ की मशाल जलाने वाले थे महावीर। समता के सरोवर में डुबकियां लगाने वाली चेतना थी महावीर। आत्मविश्वास की बेदी पर सम्यक ज्ञान की अखंड चेतना थी महावीर। अनेकन्त अहिंसा का सिद्धान्त दिया भगवान महावीर ने। भगवान महावीर ने परिस्थितियों के सामने घुटने नहीं ठेके परिस्थितियों से जूझे और विजय हासिल की।
डा. साध्वी शुभ प्रभाजी ने कहा कि आज हिंसा की ज्वाला धधक रही है, आए दिन बलात्कार हो रहे है। ऐसी स्थिति में महावीर के पुनर्जन्म की  जरूरत है। भगवान महावीर  ने जातिवाद पर कड़ा प्रहार किया, सारे मानव एक है। जातिवाद, सम्प्रदायवाद, अलगाववाद, सिर उठा रहा है। आरक्षण की आंधिया चल रही है ऐसे माहौल में जरूरत है हम महावीर दर्शन को पढें, समझे एवं आचरण में लाने का प्रयास करे। डा. साध्वी ने जैन शब्द को विशलेषित करते हुए कहा जे जस्टिस  जो जीवन में न्याय-अन्याय की समीक्षा करे। ए अलर्ट, हर क्षण अप्रमर्त जागरूक रहे। आई इन्ट्रोस्पेक्सन-प्रतिदिन सायं 2 मिनट आत्मनिरीक्षण करे। एन नेवर एक्सेप्ट नेगेटिविटि- नकारात्मकता को कभी भी नहीं स्वीकारे। जिसका ब्रेन पर कंट्रोल हो, जिसकी रीढ़ की हड्डी झुकी ना हो, लचीलापन हो, जीवन में नम्रता हो जिसने सांस को कभी तोड़ा नही, यानी जीवन के खुशी एवं गम में सतुंलन रहे। जो अखाद्व नहीं खाता, अप्रेय नहीं पीता वह सच्चा जैनी है। महावीर जंयती पर हम ऐसे संकल्पों को स्वीकारे तभी सच्ची भवांजलि होगी। साध्वीवृन्द ने मंगल भावांरो।  सामूहिक गीत गाया, मंगलाचरण, ज्ञानशाला की कन्याओं ने महावीर अष्टकम से श्री अशोक दुगड, चैनरूप तातेड, मुकेश जैन, श्रीमती प्रिया जैन, अरविन्द जैन, अशोक, दिप्ती जैन ने गीतो की प्रस्तुति दी। ज्ञानशाला के बच्चो ने कव्वाली, भगवान महावीर की जीवन झांकी, परिसंवाद, तलहटी से शिखर तक के माध्यम से कन्यामंडल ने रोचक प्रस्तुति दी। आदिनाथ दिगम्बर जैन की श्रीमती सुरेखा जैन, श्री सुनील जैन, आईपीएस पूर्व डीजीपी ने कहा अङ्क्षहसा, संयम, तप पर चलने की प्रेरणा भगवान ने दी यह महावीर दर्शन जानना सरल है और उस रास्ते पर चलना दुरू है। श्री अरूण जी, एस एस संस्था, धवल जैन, टी एम ललानी समारोह के अध्यक्ष ने कहा हम सब मिलकर महावीर को मनाते है  इसकी अत्याधिक प्रसन्नता है। हम सब एक है नेकबने, यही आभीलाषा है। तेरापंथ सभाध्यक्ष श्री बहादुर हिसां जी दुगड, एस एस जैन संस्था अध्यक्ष, विजय जैन ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक व रविन्द्र जैन ने किया। 

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