Friday, April 28, 2017

आतंकवाद को खत्म करने के लिए कब उठेगा भगवान परशुराम का फरसा : रोहिताश सारस्वत


गुरुग्राम (abtaknews.com )  मातृ भूमि पर बढ़ रहे अत्याचारों को देख कर भगवान परशुराम के पिता जमदग्री ने भगवान परशुराम को आदेश दिया कि अब आप एक जिम्मेदारी ले लो। तब पिता के कहने पर भगवान परशुराम ने अत्याचारों को खत्म करने के लिए फरसा उठाया था। इस फरसे से भगवान परशुराम ने मातृ भूमि पर बढ़ रहे अत्याचारों को खत्म किया था। इसलिए उस सदी से अब तक भगवान परशुराम के फरसा या उनकी जयंती मनाई जा रही है, लेकिन भगवान परशुराम की जयंती मनाने वाले भक्त यह भूल गए हैं, मातृ भृमि पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और पड़ोसी मुल्क आतंकवाद पनपा रहे हैं, लेकिन भगवान परशुराम के भक्त फरसा पूज रहे हैं और जयंती मना रहे हैं। युग युग से चली आ रही परंपरा है कि एक बार सभी भक्त भगवान परशुराम का फरसा पूज कर फरसा उठा ले, तो आतंकवाद खत्म हो जाता। यहां तो भगवान परशुराम के भक्तों ने न जाने कितने वार फरसा उठाया। फिर फरसा रखा दिया। इससे पता चलता है कि परशुराम के भक्त अन्य लोगों को डराने के लिए फरसा उठाते हैं, लेकिन आतंकवाद को खत्म करने के लिए परसा क्यों नहीं उठाता। यह बात संवादाताओं से बातचीत करते रोहिताश सारस्वत ने कही।
सारस्वत ने कहा कि देश में नक्सलवाद और आतंकवाद चरम पर है। जवानों पर हमला हो रहे हैं। मंत्री भी भाषण देकर शांत हो जाता है। और परशुराम के भक्त भी गरज कर शांत हो जाते हैं। जवान शहीद हो रहे हैं। कोई भी जवानों की मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है, बल्कि पार्टी वाद के झंझट में आकर जवानों पर ही उल्टा प्रहार किया जा रहा है। आलम देश में यह हो गया है कि आतंकी हमला जवानों के ऊपर होता है। और जवान शहीद होते हैं तो मंत्री श्रृद्धांजलि देने पहुँच जाते हैं और अन्य नेता भी विरोध प्रदर्शन करके चुप हो जाते हैं। क्या है यही देश की परंपरा है। जब मातृ भूमि और जवानों पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर भगवान परशुराम के पिता ने परशुराम से फरसा का पूजन कराने के बाद ही परशुराम ने फरसा उठाया तो हजारोंं कोस अत्याचार करने के बाद लोग भाग निकले, लेकिन आज देश के जवानों पर आतंकी हमला हो रहा है, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आता। हर व्यक्ति यही पूछता है कि क्या करें। जब कि ब्राह्मणों को ब्रह्म ज्ञानी कहा गया है। ऐसे में ब्राह्मणों का भ्रम ज्ञान कहां गया। जब देश में आतंकी हमला हो रहे है। ऐसे में सवाल यह उठता है, यह संदेश जाने से परशुराम के भक्त आतंकवाद खत्म करने के लिए फरसा उठाएंगे या फिर विरोध प्रदर्शन करके ही शांत हो जाएगे। सारस्वत ने कहा यदि ऐसा ही हाल रहा तो आतंकवादी भारत में पैर जमा लेंगे। जैसे विदेशियों ने दो सौ साल राज करके कितने भारतवासियों को मौत के घाट उतारा। अब देखना यह है भगवान परशुराम जयंती देश में मनाई जा रही है। क्या फरसा पूज कर आतंकवाद खत्म करने के लिए उठेगा या फिर फरसा का पूजन करके शांत हो जाएंगे।


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