Wednesday, April 19, 2017

थैलासीमिया सोसाइटी विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश की व्यवस्था


फरीदाबाद (abtaknews.com )संस्था ने थैलासीमिया सोसाइटी विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश का दौरा किया। वहा गये वहां के जो हालत देखे सच दिल रो पड़ा। वह के बच्चो को 45 डिग्री के तापमान मे रक्त चढ़ाया जा रहा था। वहा की संस्था ही बच्चो के लिए रक्त का इंतज़ाम करती है। बच्चो को रक्त के लिए ही भटकना पड़ता है। बच्चो की दवाइयों के बारे में संस्था से पूछा गया तो बताया की सरकार द्वारा तो कुछ भी नहीं किया जा रहा है। रक्त को बिना लाल रक्त कड़ अलग किये ही उन बच्चो को चढ़ाया जा रहा था जो कितना गलत है ? वहा पर लगभग 220 थैलासीमिया पीड़ित बच्चे है जिनको न तो दवा मिलती है न ही ठीक प्रकार का रक्त जो रक्त मिल भी रहा है तो वो भी लेट। अगर फरीदाबाद में बच्चो को समय पर रक्त व् निशुल्क दवाइया मिल रही है तो फरीदाबाद के हर व्यक्ति का कहि न कहि सहयोग जरूर है। वो बात अलग है बच्चे को थैलासीमिया है परन्तु फरीदाबाद में बच्चे एक स्वर्ग में जी रहे है। हालत सर्कार के यहां भी वही है जो विजयवाड़ा में है।  फर्क सिर्फ इतना है यह का पूरा समाज सस्था व् बच्चो के साथ जुड़ा हुआ है।  वह पर कोई ऐसा बच्चा नहीं मिला जो जो शक्ल से लगता हो की वो थैलासीमिया ग्रस्त नहीं है,  हर बच्चे के चहरे से लगता था की वो थैलासीमिया ग्रस्त है।  यहां फरीदाबाद के बच्चो को कोई पहचान नहीं सकता की वो ऐसी भयानक बीमारी से पीड़ित है। विजयवाड़ा की सापथा फाउंडेशन के प्रधान ने बताया की सर्कार द्वारा कुछ नहीं किया जा रहा है इस कारण बच्चे असमय मौत के मुँह में समा रहे है।  हालत तो हरियाणा में भी उसी प्रकार के ही यह भी सरकार द्वारा बच्चो की दवाइयों व् थैलासीमिया की जानकारी के लिए एक करोड़ पचास लाख रुपए का प्रावधान 2015-16 के बजट  किया गया परन्तु समन्धित विभाग द्वारा शायद इसके लिए 1 रुपये भी खर्च नहीं किया गया सारा का सारा ज़िम्मेवारी संस्था ही उठा रही है।  संस्था इसके लिए एक बार फिर से   सी एम विंडो का सहारा लेगी ताकि बच्चो को ठीक प्रकार से दवाइया मिलती रहे व् साथ ही अधिक से अधिक लोगो को जानकारी भी मिलती रहे, ताकि ऐसे बच्चो का पैदा होना रोका जा सके।  

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