Friday, April 14, 2017

भाजयुमो ने अम्बेडकर जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


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फरीदाबाद 14 अप्रैल,2017 (abtaknews.com ) संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर आज भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र चौधरी जित्ते, मीडिया प्रभारी रविन्द्र फौजदार के नेतृत्व में सभी ने डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें शत शत नमन: किया।
इस अवसर पर युवा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी ने कहा कि  डा. भीमराव रामजी आंबेडकर 14 अप्रैल 1891, 6 दिसंबर 1956 बाबा साहेब के नाम से लोकप्रिय  भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ  सामाजिक भेद भाव के विरुद्ध अभियान चलाया। श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री एवं भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे। वह विपुल प्रतिभा का छात्र थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लन्दन स्कूल ऑफ़  इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। शिक्षा के बाद उन्होंने अपना जीवन राजनीतिक गतिविधियों में बीता। 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया। 1990 में भारत रत्न भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मरणोपरांत अम्बेडकर पर सम्मानित किया गया था।
इस अवसर पर मीडिया प्रभारी रविन्द्र फौजदार ने कहा कि अपने सत्य परंतु विवादास्पद विचारों और गांधी व कांग्रेस की कटु आलोचना के बावजूद बी आर अम्बेडकर की प्रतिष्ठा एक अद्वितीय विद्वान और विधिवेत्ता की थी जिसके कारण जब 15 अगस्त 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार अस्तित्व मे आई तो उसने अम्बेडकर को देश का पहले कानून मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए आमंत्रित किया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। 29 अगस्त 1947 को अम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। डा. साहेब ने मसौदा तैयार करने के इस काम में अपने सहयोगियों और समकालीन प्रेक्षकों की प्रशंसा अर्जित की।
डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा तैयार किया गया संविधान पाठ मे संवैधानिक गारंटी के साथ व्यक्तिगत नागरिकों को एक व्यापक श्रेणी की नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा प्रदान की जिनमेंए धार्मिक स्वतंत्रता अस्पृश्यता का अंत और सभी प्रकार के भेदभावों को गैर कानूनी करार दिया गया। बाबा साहेब ने महिलाओं के लिए धरा370व्यापक आर्थिक और सामाजिक अधिकारों की वकालत की और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए सिविल सेवाओं, स्कूलों और कॉलेजों की नौकरियों मे आरक्षण प्रणाली शुरू के लिए सभा का समर्थन भी हासिल किया भारत के विधि निर्माताओं ने इस सकारात्मक कार्यवाही के द्वारा दलित वर्गों के लिए सामाजिक और आर्थिक असमानताओं के उन्मूलन और उन्हे हर क्षेत्र मे अवसर प्रदान कराने की चेष्टा की जबकि मूल कल्पना मे पहले इस कदम को अस्थायी रूप से और आवश्यकता के आधार पर शामिल करने की बात कही गयी थी।
इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री गोरव फौजदार, कोषाध्यक्ष विपिन गुप्ता, उपाध्यक्ष सुमन्त चंदेल, मंडल अध्यक्ष अश्वनी कुमार, राजकुमार शर्मा, राजेश लाम्बा सहित सैकडो युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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