Tuesday, April 11, 2017

पुलिस आयुक्त बोले बीडी व सिगरेट सेहत के लिए हानि कारक है


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फरीदाबाद 11अप्रैल ,2017(abtaknews.com ) पुलिस आयुक्त डाके 0 हनीफ कुरैशी ने सभी पुलिस उपायुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त और जिले के सभी बिडी सिगरेट पान तबाकू के थोक/फुटकर विक्रेताओं के साथ अपने कार्यालय सै0 21सी में मिटिंग कर फरीदाबाद पुलिस, संबंध हैल्थ फाउंडेशन, व वायस ऑफ टोबेको विक्टिमस की ओर से तंबाकू नियंत्रण में कोटपा एक्ट 2003 के बारे में चलाये गये अभियान को विस्तार से बताया गया। उन्होने कहा कि पुलिस आमजन के सहयेाग से सार्वजनिक स्थलों को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिए काम करेगी और जिले में तंबाकू नियंत्रण कानून का प्रभावी अनुपालन कर सुनिश्चित कर एक रोल माडॅल के रुप में पेश किया जायेगा।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि जिलेभर में बच्चों व युवाओं को तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रखने के लिए पुलिस अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर एक शुरूआत की गई है। जिससे युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित व स्वस्थ बनाने के सार्थक प्रयास किये जायेंगे। प्रदेश में करीब 116 बच्चे प्रतिदिन तंबाकू उत्पादों के सेवन की शुरुआत करते है, साथ ही 28 हजार लोग बेमौत इससे मर रहे है। जो कि बेहद चिंता का विषय है। पुलिस व अन्य सहयेागी संस्थांए मिलकर तंबाकू उत्पादों की रोकथाम के लिए कोटपा 2003 को लागू कराने के लिए काम करेंगी।
इन उत्पादों की रोकथाम के लिए कोटपा (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) को प्रभाव में लाया जायेगा। इसके लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जायेगा सभी विक्रेताओ को निर्देश दिया गये कि तंबाकू ब्रिकी केंन्द्रो पर कोटपा एक्ट 2003 की धारा 5 एवं 6 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 77 के बिन्दुओ का अनुपालन सुनिशचित किया जाए।
ऽ        धारा 5 के अन्र्तगत तंबाकू पदार्थो का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन प्रतिबंधित है।

ऽ        धारा 6 (अ) के अन्र्तगत नाबालिगो को तंबाकू उत्पादो की बिक्री प्रतिबंधित है तथा तंबाकू बिक्री केन्द्रो पर इस सदर्भ में नियमानुसार बोर्ड लगाया जाना आवश्यक है।

ऽ        धारा 6 (ब) शिक्षा सस्थानों के 100 गज दायरे में तंबाकू की बिक्री प्रतिबंधित है।

ऽ        किशोर न्याय अधिनियम की धारा 77 के तहत भी नाबालिगो को तंबाकू या अन्य मादक पदार्थो की बिक्री प्रतिबधित है तथा इसके उल्लंघन पर 1 लाख तक का जुर्माना तथा 7 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।

ऽ        धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानो पर धूम्रपान सेवन प्रतिबंधित हैं।

उन्होने कहा कि सभी आधुनिक और प्रगतिशील राज्यों ने अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए कोटपा कानून को कड़ाई से लागू जा रहा है। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों की पुलिस ने तंबाकू की खपत को कम करने में सराहनीय भूमिका निभाई है।
पुलिस द्वारा इस प्रकार के अभियान चलाने से आमजनता में जागरुकता आएगी और कोटपा का पालन करने से सार्वजनिक स्थानों पर इसका प्रचलन भी कम होगा। उन्होने बताया कि सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, के तहत सरकारी कार्यालयों, मनोरंजन केंद्र, पुस्तकालयों, अस्पतालों, स्टेडियमों, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉफी हाउस, निजी कार्यालयों, अदालत परिसरों, रेलवे स्टेशनों, बस सभागारों, सार्वजनिक परिवहन, शैक्षणिक संस्थानों, चाय-स्टालों, सड़क के किनारे भोजनालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान पर पाबंदी है।


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