Saturday, April 29, 2017

गाय अपने आप में सम्पूर्ण विज्ञानं है ; ज्ञानानंद महाराज

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पलवल 28 अप्रैल,2017(abtaknews.com) ज्ञानानंद जी महाराज ने भागवत कथा सप्ताह के दौरान पत्रकरों से बातचीत में कहा कि गाय अपने आप में सम्पूर्ण विज्ञानं है गाय के माध्यम से शारीरिक रोगों  को दूर करने के लिय  प्रयोग किया जाता है | मानसिक सांति के लिय गो सेवा करे उन्होंने बताया की प्रकृति संतुलन बिगड़ रहा है जितना जो वध बड़ेगा उतना ही प्रकति का संतुलन बिगड़ेगा |
पलवल के होडल में  गो महाहोत्सव  के अंतिम दिन में  स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज  उनके साथ  ठाकुर कृष्ण चन्द जी शास्त्री  ने  गौ सेवा धाम हॉस्पिटल  भ्रमण  कर कथा का श्रवण किया | 

यूपी बोर्डर स्थित पलवल के होडल स्थित  गौ सेवा धाम हॉस्पिटल परिसर में देवी चित्रलेखा द्वारा सात दिवशीय भागवत कथा के अंतिम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज उनके साथ उतरप्रदेश निवासी श्रीमदभागवतगीता व्यास  ठाकुर कृष्ण चन्द जी शास्त्री जी ने  गौ सेवा धाम हॉस्पिटल का  भ्रमण  कर बताया की ये होस्पिटल दिल्ली से आगरा तक कोई ऐसा हॉस्पिटल नही है इसमें गो के अन्य जीव जंतु की सेवा करी जाती है | स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज  के बताया  श्रीमदभागवत  केवल कथा नही है यह अतीत की कहानी व प्रसंग नही है श्रीमदभागवत  वर्तमान की आवश्यकता है जितनी समस्या आज है  किसी भी कारण को लेकर हो इसके द्वारा समस्यों का समाधान होता है | 

स्वामी ज्ञानानंद महाराज  ने कहा  ऋषियों के द्वारा निर्धारित चार पुर्साथ --धर्म,अर्थ,काम ,मोक्ष चारो कामो की सिद्दी करने में सक्षम है |समस्यायों का जन्म होता है समाधान भी व्यास पीठ से होता है |गाय अपने आप में सम्पूर्ण विज्ञानं है गाय के माध्यम से शारीरिक रोगों  को दूर करने के लिय  प्रयोग किया जाता है | मानसिक सांति के लिय गो सेवा करे उन्होंने बताया की प्रकृति संतुलन बिगड़ रहा है जितना जो वध बड़ेगा उतना ही प्रकति का संतुलन बिगड़ेगा |स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज  ने बताया की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही है गाय को राष्ट्र में किस रूप में सम्मान मिले | राष्ट्रीय पशु में शेर है हमारा मुख्य भाब है गो माता को यतोचित  राष्ट्र  स्तर  में सम्मान मिले |

देवी चित्रलेखा ने अंतिम दिन की कथा में सुदामा  और कृष्ण की मित्रता के साथ बताया की बड़ा ही  समर्पण है सम्पूर्ण भगतो में सुदामा जी की अलग पहचान बनाई गई है केवल समर्पण से | समर्पण का महत्व बताया की समर्पण का क्या महत्व होता है |

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