Tuesday, April 18, 2017

फरीदाबाद की बेटी बनी मिसाल, 9 अंगदान करके बचाई 9 लोगों की जिन्दगी


फरीदाबाद 18 अप्रैल,2017(abtaknews.com ) जिगर के टुकड़े को यदि खरोंच भी आए तो माता पिता का कलेजा रो पड़ता है, उस पिता का दर्द कैसा होगा जिसने अपनी ब्रेनडेड बेटी के 9 अंगदान करने का साहसिक निर्णय लेकर ना केवल 9 लोगों को नई जिन्दगी दी ब्लकि समाज में भी एक मिसाल पेश की है। ऐसा पिता धन्य है जिसने अपनी बेटी के अंगदान करके देश और समाज को एक नई दिशा देने की कोशिश की है।  सेक्टर-21सी के मकान नंबर 186 में रहने वाले अशोक शर्मा की बेटी नैंसी अब इस दुनिया में नही है लेकिन कुछ लोग मरकर भी जिन्दा रहते है। अशोक शर्मा का कहना है कि 12 मार्च को बेटी अंबाला अपने पिता से मिलने गई थी लेकिन वहां उसे कुछ तकलीफ हुई जिस कारण  वहां के एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराना पड़ा जहां उसका ब्रेन डेड हो गया। उसको इसके बाद पीजीआई चण्डीगढ़ ले जाया गया जहां पर उनका कई दिनों तक उपचार हुआ। मगर डाक्टरों ने कहा कि नैंसी की बचने की उम्मीद कम ही है क्योकि मरीज का ब्रेनडेड है,मगर बाकी उसके अंग काम कर रहे है। अगर उसके बाकी अंग दान कर दिए जाते है तो कई लोगों को नई जिन्दगी मिल सकती है। तब उन्होनें इस विषय में अपने दामाद से बात की और आखिरकार उन्हेें दिल पर पत्थर रखकर अंग दान करने का निर्णय लिया और पीजीआई के उन कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए जिसमें अंगदान करने पर सहमति दी गई। नैंसी शर्मा के शरीर से हार्ट को निकाला गया जोकि 13 साल के बच्चे को नई जिन्दगी दे गया। इसके बाद किडनी भी दो लोगों को दी गई। लीवर के चार पार्ट भी चार लोगों को दिए गए। इसके अलावा उनकी दो आंखों से भी दो लोगों को नई रोशनी मिली। इस तरह नैंसी शर्मा ने 9 लोगों को नई जिन्दगी दी। नैंसी ने जाते जाते इतने लोगों को नई जिन्दगी दी है इससे पहले शायद ही किसी ने इतने अंग दान किए हो। वैसे इस सारे प्रकरण में डाक्टरों का योगदान भी सराहनीय रहा जिन्होनें मोहाली एयरपोर्ट तक ग्रीन कोरिडोर बनाकर इन अंगो को हवाई जहाज से नोएडा,दिल्ली और चण्डीगढ़ ऐसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाकर ट्रासप्लांट कराया जो जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे थे। नैंसी शर्मा अब इस दुनिया को अलविदा कह गई है लेकिन आज भी उसका दिल,किडनी और आंखें इस दुनिया में उसकी उपस्थिति दर्ज करा रहे है। नैसी ने जाते जाते समाज को भी यह संदेश दे गई कि बेटियां वरदान है नाकि अभिशाप। अशोक शर्मा का कहना है कि नैंसी ने बेटी होने का वो फर्ज अदा किया है जो शायद बेटे भी पूरा ना कर सकें। इसलिए में भगवान से प्रार्थना करता हूं कि नैंसी जैसी बेटी हर किसी को दें जिसने अपना सारा जीवन लोगों को समर्पित कर दिया।  

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