Wednesday, October 19, 2016

टाटा वैल्यू होम्स बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट, ग्राहकों से जबरदस्त धोखाधडी है



बहादुरगढ़(abtaknews.com )बड़े आश्चर्य की बात है की टाटा वैल्यू होम्स (एक टाटा समूह की कंपनी) अपने न्यू हैवन, जो एक बहुमंजिला आवासीय  प्रोजेक्ट है, पर ग्राहकों से जबरदस्त धोखाधडी कर रही है।इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस को दी गयी शिकायत में संलग्न की गयी कागजातों की कई विश्लेषकों ने जाँच की है और प्रथमदृष्टया ये सही पाया है की एच. एल. प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड जो की टाटा वैल्यू होम्स की एक सहयोगी कंपनी है और जो बहादुरगढ़ प्रोजेक्ट के निर्माण में संलग्न है, अपने ग्राहकों को बिक्री एरिया (सेलेबल क्षेत्रफल) की संख्या को सीधे अपनी मर्जी से बढाकर बेच रही है जो खुलेआम धोखाधड़ी है। ये अपराध और भी संगीन हो जाता है की बहादुरगढ़ प्रोजेक्ट, कंपनी के अनुसार मध्यमवर्गोय आमदनी वाले लोगो के लिए है जिसे अफोर्डेबल केटेगरी बोला जाता हैै। कितनी बड़ी विडम्बना है की लोग अपनी गाढ़ी मेहनत से की गई कमाई से टाटा समूह के नाम पर बाजार दर से ज्यादा दर वाले इस प्रोजेक्ट पर फ्लैट खरीद कर दुहरे रूप से छले जा रहे है जो कंपनी ने देश भर के ग्राहकों को "वन नेशन वन प्राइस" योजना के अंदर लूटा है और अभी भी ये खेल जारी है।

इस मुद्दे पर एक शिकायत कंपनी के ही एक पूर्व कर्मचारी ने दिल्ली पुलिस को दी है और साथ में प्रधान मंत्री कार्यालय एवं हरियाणा सरकार को भी भेजा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और कंपनी अपने गलत कृत्य को जारी रखे हुए है। पुलिस शिकायत में दर्ज तथ्य बताते हैं की कैसे कंपनी 2 बैडरूम हॉल किचन छोटे साइज़ वाले फ्लैट पर लगभग 4.4 लाख रुपये, 2 बैडरूम हॉल किचन बड़े साइज़ वाले फ्लैट पर लगभग 5.2 लाख रुपये एवं 3 बैडरूम हॉल किचन छोटे साइज़ वाले फ्लैट पर लगभग 6.7 लाख रुपये ग्राहकों से लूट रही है। सनद रहे की इन फ्लैटों की कीमत कंपनी के वेब साईट के अनुसार क्रमशः 53.04 लाख, 61.82 लाख एवं 77.26 लाख रूपए है।

अगर एक 2 बैडरूम हॉल किचन छोटे साइज़ वाले फ्लैट की बात करें तो संलग्न शिकायत के अनुसार कंपनी ने 24 फरवरी 2015 को सूचित किया था की कारपेट एरिया 911 वर्ग फुट एवं सेलेबल एरिया 1185 वर्ग फुट है लेकिन 4 मार्च 2015 को प्रबंधकों के दाहिने हाथ के रूप में प्रसिद्ध कॉर्पोरेट प्लानिंग विभाग से ईमेल आ गया की "2 बैडरूम हॉल किचन वाले फ्लैट के लिए लोडिंग 41 प्रतिशत एवं 3 बैडरूम हॉल किचन वाले फ्लैट के लिए लोडिंग 39 प्रतिशत तय की गयी है", इसके आधार पर कारपेट एरिया 916 वर्ग फुट एवं सेलेबल एरिया 1292 वर्ग फुट बन गया। इसके और आगे कारपेट एरिया 918 वर्ग फुट एवं सेलेबल एरिया 1296 वर्ग फुट पर बिक्री की जा रही है। यानि अगर आप वास्तविक एरिया से बिक्री एरिया की तुलना करें तो कारपेट एरिया तो 7 वर्ग फुट बढ़ा जबकि सेलेबल एरिया 111 वर्ग फुट बढ़ गया जो की किसी भी तकनिकी दृष्टिकोण से सही नहीं प्रतीत होता है। संलग्न पुलिस शिकायत में पृष्ठ क्रमांक 3 पर तालिका है जिसमें तीनों प्रकार के फ्लैटों में अलग अलग की जा रही धोखाधड़ी का विवरण है।

चूँकि कंपनी एक व्यवसाय कर रही है तो वो जो भी कॉमन एरिया जैसे की कॉरिडोर, लिफ्ट, जीने वगैरह बना रही है वो वास्तविक गणन के अनुसार लोडिंग करने की और उसपे बेचने की अधिकारी है लेकिन इस प्रकरण में जायज लोडिंग के ऊपर जो सेलेबल एरिया कंपनी के गलत फायदे के लिए बढ़ाया गया वो कोई ग्राहक पकड़ नहीं सकता जबतक उसके पास तकनिकी ज्ञान और साथ में कंपनी द्वारा पुरे प्रोजेक्ट का विस्तृत एरिया कैलकुलेशन, एप्रूव्ड नक्शों के साथ न मुहैया कराया गया हो।अभी प्रोजेक्ट को पार्ट में अप्रूवल मिली है और पुरा अप्रूवल मिलने पर करीब 1200 फ्लैट बनाए जायेंगे। अगर औसत एक फ्लैट की खरीद में 5 लाख की गड़बड़ी ली जाये तो कुल 60 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला बनता है।जनता से जुड़े इस मुद्दे को जनता के बीच जाना चाहिए ताकि वो संभल सके और इस धोखाधड़ी के विरुद्ध आवाज उठा सकें और टाटा समूह का ब्रांड वैल्यू, जो की कथनी में "कम्युनिटी ऐट इट्स हार्ट" पर करनी में फरेब पर आधारित होता जा रहा है, उसकी पोल खुल सके।

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