Sunday, October 16, 2016

रावण का न जलना, समाज व धर्म के खिलाफ : -अरविंद सरदाना


फरीदाबाद 15 अक्तूबर(abtaknews.com) इण्डियन नेशनल लोकदल के बढख़ल हल्का अध्यक्ष अरविंद सरदाना ने कहा पिछले दिनों फरीदाबाद एनआईटी स्थित दशहरा मैदान में आयोजित रावण दहन को लेकर जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है वह समाज व धर्म के खिलाफ है। सरदाना ने कहा कि इस तरह की औच्छी राजनीति करके इन गुटो ने समाज के साथ साथ धर्म का अपमान किया है जिसे क्षेत्र की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह से राजनीति करके अपनी ताकत का प्रदर्शन करके जिन गुटो ने इस तरह का कार्य किया है उसे क्षेत्र की जनता कभी माफ नहीं करेगी और इसका बदला आगामी चुनावों में लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र की जनता इस बात से काफी क्षुब्ध है कि पिछले लगभग 66 वर्षो से फरीदाबाद के दशहरा मैदान में दशहरा पर्व आयोजित किया जा रहा है और इन सभी वर्षो में पुतलों को मैदान के बीचो बीच लगाया जाता है आज पता नहीं उन लोगों को इस बात पर एतराज हो गया कि पुतले एक तरफ लगाये जाये। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात कहना केवल एक बहना है। 

अरविंद सरदाना ने कहा कि जहां इस रावण दहन में राजनीतिक दल का तो पूरा पूरा हाथ है ही वही प्रशासन भी इस कार्य में पूरी तरह से सत्तापक्ष के साथ रहा है  और प्रशासन ने भी जनता की भावनाओ को ठेस पहुंचाई है जिसे जनता कभी माफ नही करेगी।  उन्होने कहाकि अपनी राजनीतिक रजिंश के बदले जनता की भावनाओ को ठेस पहुंचाना कहा का इंसाफ है अगर ऐसा उन्होंने किया है कि जनता इसका बदला अवश्य ही लेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य को करके जहां राजनीतिक दल ने अपनी छवि को धूमिल किया है वही उन्होंने अपनी पार्टी के ग्राफ को भी गिराया है। क्योकि आज जनता केवल इस बात से क्षुब्ध है कि  सत्तापक्ष द्वारा किया गया यह कार्य हमारी भावनाओ को ठेस पहुंचाने के लिए किया गया है और ऐसा कार्य करके उन्होंने अपना विश्वास तोड़ा है। 

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