Friday, October 7, 2016

परिवार ने आंखों के तारे 6 बर्षीय सक्षम की अकस्मात मौत के बाद आंखें दान में दी



फरीदाबाद 7 अक्टूबर(abtaknews.com ) फरीदाबाद में एक परिवार की दरियादिली उस वक्त देखने को मिली जब 6 बर्षीय मासूम सक्षम की स्कूल जाते समय सडक हादसे में मौत हो जाने के बाद अपने आखों के तारे की आखें ही दान में दे दी हैं, दुख की घडी के बाद भी परिवार अपने लाडले के शरीर के पूरे अंग दान देना चाहता था क्योंकि उनका बेटा किसी के अंदर जीवत रह सके मगर हादसे के बाद अधिक समय गुजर जाने पर सिविल अस्पताल के डाक्टरों ने केवल आंखें ही ली और उन्हें दिल्ली एम्स अस्पताल के लिये भेज दिया। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में रहने वाले एक परिवार ने उठाया ऐसा कदम जिसे देखकर आप हैरान हो जाओगे, जी हां एक परिवार ने 
अपने 6 बर्षीय मासूम सक्षम की आखें दान में दे दी, दान तो इस दुनियां में बहुत लोग करते हैं मगर ऐसा दान और ऐसी दरियादिली शायद ही किसी ने की हो, मगर इस परिवार ने यह दान उस वक्त दिया जब उनके उपर गमों का पहाड टूटा हुआ था उसके जिगर के टुकडे की मौत का। दरअसल मामला फरीदाबाद नहरपार क्षेत्र का है जहां आज सुबह स्कूल जाते समय स्कूल बैन और एक गाडी क्री आपस में भिडंत हो गई जिसमें 6 बर्षीय सक्षम की जान चली गई और करीब 5 बच्चे घायल हो गये। मृत बच्चे को पोस्टमार्डम के लिये बी के अस्पताल लाया गया जहां पोस्टमार्ड के दौरान मृत बच्चे के परिवार ने फैंसला लिया कि वो अपने आखों के तारे को हमेशा जिंदा देखना चाहते हैं बस ये ही सोचते हुए परिवारे अपने दिल पर पत्थर रखकर अपने घर के चिराग सक्षम के शरीर के सभी अंग दान देने का फेंसला ले लिया मगर समय ज्यादा होने के चलते वो सिर्फ आखें ही दान कर पाये।

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल के पीएमओ विरेन्द्र यादव ने बताया कि उनके पास सक्षम के परिजनों को फोन आया और उन्होंने अपने बच्चे के सभी अंग दान करने की बात कही  जिसपर उन्होंने जाकर देखा तो बच्चे की मौत को समय ज्यादा हो चुका था सिर्फ आखें ही ली जा सकती थी जिसपर उन्होंने एक टीम गठित की और आखें लेकर उन्हें दिल्ली एम्स के लिये भिजवा दिया। वहीं डाक्टर ने बताया कि उनके कार्यकाल में ऐसा दरियादिली परिवार उन्होंने पहली बार देखा है जिसने इस दुख की घडी में अपने बच्चे की आंखें दान की है, वो उनके इस जज्बे की सराहना करते हैं।

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